बीएमसी चुनाव आज: मुंबई की सत्ता का फैसला, महाराष्ट्र की राजनीति पर पड़ेगा असर

बीएमसी चुनाव आज: मुंबई की सत्ता का फैसला, महाराष्ट्र की राजनीति पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में आज नगर निकाय चुनावों का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। देश की सबसे धनी महानगरपालिका बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) समेत राज्य की 29 नगर निकायों के लिए मतदान हो रहा है। खासकर बीएमसी चुनाव को महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले विधानसभा और लोकसभा समीकरणों पर भी दिख सकता है।

उद्धव ठाकरे के लिए साख बचाने की लड़ाई

शिवसेना के दोफाड़ के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है, जिसमें उद्धव ठाकरे सीधे तौर पर अपनी राजनीतिक ताकत परखे जाने वाले हैं। दशकों से शिवसेना का गढ़ रही मुंबई इस बार उनके हाथ से फिसलती नजर आ रही है। एकनाथ शिंदे गुट और भाजपा की संयुक्त चुनौती ने उद्धव के सामने ‘अब या कभी नहीं’ जैसी स्थिति पैदा कर दी है।

राज ठाकरे की MNS बनी चुनावी पहेली

इस चुनाव में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। मराठी अस्मिता का मुद्दा उठाकर MNS, शिवसेना (UBT) के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगा सकती है। गठबंधन न होने की स्थिति में राज ठाकरे किसका खेल बिगाड़ेंगे, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

भाजपा का आक्रामक दांव

भारतीय जनता पार्टी ने बीते कुछ वर्षों में मुंबई में अपनी पकड़ मजबूत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और हिंदुत्व के एजेंडे के सहारे भाजपा इस बार बीएमसी की सत्ता पर कब्जा जमाने की रणनीति के साथ मैदान में उतरी है। पार्टी का लक्ष्य शिवसेना को उसके सबसे मजबूत किले से बाहर करना है।

चुनाव के बड़े मुद्दे क्या हैं?

मुस्लिम वोट बैंक: इस चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं का रुझान बेहद अहम माना जा रहा है। उद्धव ठाकरे इसे संविधान और लोकतंत्र की लड़ाई बता रहे हैं, जबकि भाजपा पूरी ताकत से ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है।

मानसून और जलभराव: हर साल बारिश में मुंबई के डूबने का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में है। विपक्ष ने बीएमसी में लंबे समय से रही शिवसेना पर भ्रष्टाचार और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के आरोप लगाए हैं।

मतदाता राज्य चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उम्मीदवारों और मतदान केंद्रों से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।

आज का दिन तय करेगा कि मुंबई की कमान किसके हाथ में जाएगी और महाराष्ट्र की राजनीति किस दिशा में बढ़ेगी।