12वीं पास युवाओं के लिए सेना में अफसर बनने का सुनहरा मौका: 4 साल की ट्रेनिंग, JNU से B.Tech और सेना में पक्की नौकरी!
नई दिल्ली: भारतीय सेना में अधिकारी बनकर देश सेवा का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। सेना ने 10+2 टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES) के तहत नए कोर्स के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि युवाओं को इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा के साथ-साथ सेना में सीधे कमीशंड अफसर बनने का मौका मिलता है। जुलाई सत्र से शुरू होने वाले इस कोर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन 14 अक्टूबर से 12 नवंबर तक पूरी तरह नि:शुल्क किए जा सकेंगे।
योग्यता और उम्र सीमा
इस भर्ती के लिए केवल अविवाहित पुरुष अभ्यर्थी ही पात्र हैं, जिन्हें ट्रेनिंग के दौरान भी अविवाहित रहना अनिवार्य होगा।
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शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त बोर्ड से फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ (PCM) में न्यूनतम 60% अंकों के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है (अंकों को राउंड ऑफ नहीं माना जाएगा)। साथ ही, जेईई मेन 2026 (JEE Main 2026) में शामिल होना जरूरी है।
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आयु सीमा: 1 जुलाई को अभ्यर्थी की आयु 16.5 वर्ष से 19.5 वर्ष के बीच होनी चाहिए, जिसकी पुष्टि 10वीं के प्रमाणपत्र से होगी।
4 साल की ट्रेनिंग, डिग्री और शानदार स्टाइपेंड
चयनित कैडेट्स को कुल 4 साल की सैन्य और तकनीकी ट्रेनिंग दी जाएगी। शुरुआती तीन साल सेना के तकनीकी संस्थानों में इंजीनियरिंग व सैन्य प्रशिक्षण मिलेगा। चौथे साल भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून में सैन्य नेतृत्व और युद्ध कौशल सिखाया जाएगा, जिस दौरान ₹56,100 प्रति माह का वजीफा (स्टाइपेंड) भी मिलेगा। कोर्स पूरा होते ही जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से इंजीनियरिंग की बीटेक डिग्री मिलेगी और सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर स्थायी कमीशन (नियुक्ति) दी जाएगी। इनकी तैनाती कोर ऑफ इंजीनियर्स, कोर ऑफ सिग्नल्स या कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स में होगी।
चार चरणों में होगा चयन
चयन प्रक्रिया में सबसे पहले 12वीं के पीसीएम अंक और जेईई मेन रैंक के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग होगी (जनवरी-फरवरी)। इसके बाद एसएसबी स्क्रीनिंग, विस्तृत मनोवैज्ञानिक व जीटीओ मूल्यांकन (फरवरी-मई) और अंत में सैन्य चिकित्सा बोर्ड द्वारा मेडिकल जांच की जाएगी। अंतिम मेरिट सूची मई-जून में जारी होने की संभावना है।