बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर भारत का कड़ा रुख, यूनुस सरकार से कहा—नफरत पर लगाएं लगाम

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर भारत का कड़ा रुख, यूनुस सरकार से कहा—नफरत पर लगाएं लगाम

दिल्ली : भारत ने बांग्लादेश में कथित ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू युवक की नृशंस हत्या को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए बांग्लादेश सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ लगातार बढ़ रही हिंसा भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं।

दोषियों को मिले कड़ी सजा—भारत

MEA प्रवक्ता ने कहा,

“हम बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। भारत को उम्मीद है कि इस जघन्य अपराध में शामिल लोगों को कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दी जाएगी।”

भारत ने यह भी दोहराया कि वह अपने पड़ोसी देश में शांति, स्थिरता और सामाजिक सौहार्द के पक्ष में है। साथ ही भारत ने बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

भीड़ ने फैक्ट्री में पीट-पीटकर मार डाला

जानकारी के अनुसार, कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास पर कथित तौर पर सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया गया था। आरोपों के बाद फैक्ट्री परिसर में ही भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। 18 दिसंबर को उनकी हत्या कर शव को लटकाने के बाद आग लगा दी गई।

हालांकि, जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने साफ किया है कि अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि मृतक ने सोशल मीडिया पर कोई आपत्तिजनक पोस्ट की थी।

जांच में आरोप निराधार पाए गए

RAB-14 के कंपनी कमांडर मोहम्मद शम्सुज्जमां ने बताया कि न तो मृतक के मोबाइल से और न ही उसके सहकर्मियों या स्थानीय लोगों से कोई ऐसा सबूत मिला है, जो धार्मिक अपमान के आरोपों की पुष्टि करता हो। जांच एजेंसियों के मुताबिक, पूरा मामला अफवाहों और झूठे आरोपों पर आधारित प्रतीत हो रहा है।

हिंदू संगठनों में आक्रोश, परिवार से मिले नेता

घटना के बाद बांग्लादेश नेशनल हिंदू महाजोत के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मृतक के घर पहुंचा। संगठन के महासचिव मृत्युंजय कुमार रॉय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।

हिंदू महाजोत ने इस घटना को “अमानवीय और शर्मनाक” करार देते हुए कहा कि बिना किसी सबूत के एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या करना और उसके शव को जलाना मानवता पर धब्बा है।

मानवाधिकारों पर उठे सवाल

इस घटना ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इस मामले पर नजर बनाए हुए है और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहेगा।