लखनऊ लव-जिहाद केस में बड़ा खुलासा, आरोपी डॉक्टर के पिता पर भी धर्मांतरण नेटवर्क चलाने का आरोप

लखनऊ लव-जिहाद केस में बड़ा खुलासा, आरोपी डॉक्टर के पिता पर भी धर्मांतरण नेटवर्क चलाने का आरोप

लखनऊ में सामने आए लव-जिहाद मामले में गिरफ्तार डॉक्टर को लेकर जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले तथ्य उजागर हो रहे हैं। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर डॉ. रमीज मलिक के पिता सलीमुद्दीन की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सलीमुद्दीन ने अब तक चार निकाह किए हैं और उसकी चारों पत्नियां पहले हिंदू समुदाय से थीं, जिनका कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कराया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि ये निकाह अलग-अलग राज्यों में किए गए, जिससे यह मामला संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

बताया जा रहा है कि सलीमुद्दीन लंबे समय से धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय था। उसने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की कई युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया। पुलिस का दावा है कि उसने अपने बेटे रमीज को भी इसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उसे बाकायदा “टारगेट” दिए गए।

खटीमा से लखनऊ तक फैला नेटवर्क

सलीमुद्दीन मूल रूप से उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले का रहने वाला है और खटीमा क्षेत्र में क्लीनिक चलाता था। इलाज के बहाने वह महिलाओं के संपर्क में आता और धीरे-धीरे उनसे नजदीकियां बढ़ाता था। बाद में वह पत्नी खतीजा के साथ लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में किराए के फ्लैट में रह रहा था, जहां से दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

पहली पत्नी के रहते दूसरा निकाह

पुलिस के मुताबिक, पहली पत्नी के जीवित रहते सलीमुद्दीन ने दूसरी शादी की। दूसरी पत्नी खतीजा पहले हिंदू थी। आरोपी डॉक्टर रमीज पहली पत्नी का बेटा है, जो पंजाबी मूल की बताई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि परिवार के भीतर हिंदू समाज के प्रति नकारात्मक सोच विकसित की गई थी।

बंद कमरों में होती थीं बैठकें

पुलिस ने खुलासा किया है कि सलीमुद्दीन, उसका बेटा रमीज और काजी जाहिद हसन राना मिलकर बंद कमरों में दीनी शिक्षा के नाम पर बैठकें करते थे। इन बैठकों में कट्टर विचारधारा का प्रचार किया जाता था और एक संगठित गिरोह खड़ा करने की कोशिश की जा रही थी।

डॉक्टर होने का उठाया फायदा

सूत्रों का कहना है कि सलीमुद्दीन ने अपने बेटे को खुद से आगे बढ़कर धर्मांतरण से जुड़े मामलों में सक्रिय होने के लिए प्रेरित किया। रमीज पर आरोप है कि वह डॉक्टर होने की पहचान का इस्तेमाल कर युवतियों को विश्वास में लेता और फिर उन्हें अपने जाल में फंसाता था।

50 हजार का इनामी था आरोपी डॉक्टर

पुलिस ने केजीएमयू से जुड़े इस मामले में आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन को ठाकुरगंज क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीमें उसकी तलाश उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में कर रही थीं।

छात्रा की शिकायत से खुला मामला

इस पूरे मामले की शुरुआत 23 दिसंबर 2025 को हुई, जब केजीएमयू की एमडी पैथोलॉजी की एक छात्रा ने चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई। छात्रा का आरोप था कि एक सीनियर डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया, गर्भपात कराया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। 7 जनवरी को पुलिस ने आरोपी के कई ठिकानों पर कुर्की का नोटिस भी चस्पा किया था।