JTET 2026 शांतिपूर्ण संपन्न: 10 साल बाद हुई परीक्षा में 4.85 लाख अभ्यर्थी शामिल, 85.75% उपस्थिति

JTET 2026 शांतिपूर्ण संपन्न: 10 साल बाद हुई परीक्षा में 4.85 लाख अभ्यर्थी शामिल, 85.75% उपस्थिति

झारखंड में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं का लंबा इंतज़ार आखिरकार खत्म हुआ। करीब 10 साल बाद आयोजित झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 रविवार, 1 नवंबर को राज्य के सभी 24 ज़िलों में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। परीक्षा 986 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की गई।

उपस्थिति के आंकड़े

रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा के लिए कुल 5,65,916 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 4,85,243 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 80,673 अनुपस्थित रहे। इस तरह कुल उपस्थिति 85.75 प्रतिशत दर्ज की गई। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का शामिल होना बताता है कि राज्य में शिक्षक की नौकरी को लेकर युवाओं में कितनी उम्मीद है।

कड़ी निगरानी में परीक्षा

परीक्षा को कदाचार मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने खास इंतज़ाम किए थे। केंद्रों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अभ्यर्थियों की जांच के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया और मोबाइल फोन व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण केंद्र के अंदर ले जाने पर रोक रही। रांची समेत कई ज़िलों में सुबह से ही केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की भीड़ देखी गई। कहीं से भी किसी बड़ी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली।

10 साल का इंतज़ार

झारखंड में आखिरी बार JTET करीब एक दशक पहले हुई थी। इतने लंबे अंतराल के कारण बड़ी संख्या में बीएड और डीएलएड पास अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती के लिए ज़रूरी पात्रता प्रमाणपत्र का इंतज़ार कर रहे थे। कई अभ्यर्थियों की उम्र सीमा को लेकर भी चिंता थी। ऐसे में परीक्षा का होना उनके लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

आगे क्या?

परीक्षा के बाद अब अभ्यर्थियों की नज़र आंसर की और रिज़ल्ट पर है। पहले प्रोविज़नल आंसर की जारी होने की संभावना है, जिस पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा। इसके बाद अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य में करीब 24 हज़ार शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी है, जिसके लिए JTET पास होना ज़रूरी होगा।

अभ्यर्थियों को सलाह है कि आंसर की और रिज़ल्ट से जुड़ी हर जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचें।