हैदराबाद में अमित शाह की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा, बोले- विपक्ष की रैली 'घुसपैठिए बचाओ' रैली थी

हैदराबाद में अमित शाह की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा, बोले- विपक्ष की रैली 'घुसपैठिए बचाओ' रैली थी

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच सियासी जंग अब सड़क पर पहुंच गई है। दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली के जवाब में भाजपा ने सोमवार को देश के कई शहरों में "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ" पदयात्रा निकाली। हैदराबाद में इसकी अगुवाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की।

भाग्यलक्ष्मी मंदिर से शुरुआत

पदयात्रा से पहले अमित शाह ने चारमीनार के पास भाग्यलक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद बशीरबाग में निज़ाम कॉलेज के सामने से शुरू हुई पदयात्रा आबिड्स होते हुए मोअज्जम जाही मार्केट (MJ मार्केट) पहुंची, जहां शाह ने जनसभा को संबोधित किया। यात्रा में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव समेत कई नेता शामिल हुए। रास्ते में तेलंगाना की पारंपरिक बोनालु और बतुकम्मा की झांकियां भी दिखीं।

शाह ने क्या कहा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनसभा में अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की "वोट बचाओ" रैली दरअसल "घुसपैठिए बचाओ" रैली थी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन वोट बैंक के लिए SIR का विरोध कर रहे हैं। शाह ने यह भी दावा किया कि SIR में करीब तीन करोड़ ऐसे नाम पहचाने गए हैं जो मतदाता होने के पात्र नहीं थे, जबकि हटाए गए बाकी नाम मृत, स्थानांतरित या दोहरे मतदाताओं के थे।

गृह मंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को SIR और EVM के मुद्दे पर बहस की चुनौती दी और कहा कि सरकार इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।

विपक्ष का पक्ष

विपक्ष का आरोप है कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। INDIA गठबंधन ने इसी मुद्दे पर दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली कर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी। चुनाव आयोग का कहना रहा है कि पुनरीक्षण तय प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।

कई शहरों में यात्राएं

हैदराबाद के साथ कोलकाता, रोहतक समेत कई शहरों में भाजपा की ऐसी ही यात्राएं निकलीं। तेलंगाना में पार्टी ने पांच रैलियां करने की योजना बनाई है। कांग्रेस शासित तेलंगाना में यह कार्यक्रम भाजपा की दक्षिण में ज़मीनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।