1 साल शांति की शर्त पर छूटे सीजेपी नेता, जनता है खिलाफ तो किसका है सपोर्ट ??

1 साल शांति की शर्त पर छूटे सीजेपी नेता, जनता है खिलाफ तो किसका है सपोर्ट ??

1 साल शांति की शर्त पर छूटे सीजेपी नेता, जनता है खिलाफ तो किसका है सपोर्ट ??

नई दिल्ली: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी पारा गरमाया हुआ है। शनिवार को एहतियातन हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख नेताओं—अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रविवार को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने तीनों नेताओं को 1 साल तक शांति और अच्छे व्यवहार की सख्त शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। इसके लिए तीनों से ₹50-50 हजार का मुचलका भरवाया गया है।

‘दबाव में नहीं झुकेंगे, देश भर में फैलेगा आंदोलन’

रिहाई के फौरन बाद सौरव दास और आशुतोष रांका ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और प्रशासन को खुली चुनौती दी। उन्होंने दो टूक कहा कि उनका यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है और जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने ऐलान किया कि अब इस विरोध प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाकर पूरे देश में फैलाया जाएगा। नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत के दौरान उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए थे।

पुलिस का कड़ा एक्शन, 20 FIR दर्ज

शनिवार को हुए उग्र प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। पुलिस ने अब तक कुल 20 एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों पर हमला करने और सरकारी कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी करने से रोकने जैसे कई गंभीर आरोप शामिल हैं।

वहीं, सीजेपी की ओर से लगाए गए उस आरोप को दिल्ली पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि अभिजीत दिपके को उनकी दादी के निधन की सूचना नहीं दी गई थी। पुलिस ने इस दावे को गलत बताते हुए सूचना दिए जाने का एक वीडियो भी जारी किया है।