शांति भंग न करने का लिखित भरोसा: कॉकरोच जनता पार्टी के सौरभ और रांका को मिली जमानत

शांति भंग न करने का लिखित भरोसा: कॉकरोच जनता पार्टी के सौरभ और रांका को मिली जमानत

शांति भंग न करने का लिखित भरोसा: कॉकरोच जनता पार्टी के सौरभ और रांका को मिली जमानत, बोले- जंतर-मंतर नहीं जाएंगे

नई दिल्ली (The Jagran News): दिल्ली में सियासी और कानूनी हलचलों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चर्चित नेताओं—सौरभ दास और आशुतोष रांका को बुधवार को जमानत मिल गई। विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष पेश हुए दोनों नेताओं ने लिखित में हलफनामा दिया कि वे शांति व्यवस्था को बिल्कुल भंग नहीं करेंगे।

नेताओं ने अदालत को भरोसा दिलाया कि जब तक जंतर-मंतर को आधिकारिक तौर पर प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया जाता, तब तक वे वहां किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में होने वाले किसी भी आंदोलन को पूरी तरह संवैधानिक दायरे में रखने की बात कही।

पुलिस की 3 दिन की रिमांड अर्जी खारिज सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने पिछले आचरण का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई और न्यायिक हिरासत को 3 दिन बढ़ाने की पुरजोर मांग की थी। हालांकि, दास और रांका के वकील द्वारा अदालत में बिना शर्त माफी मांगे जाने के बाद देर शाम दोनों नेताओं को रिहा कर दिया गया।

हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी: 'उम्र 27 और 31, मतलब आप जेन-जी नहीं हैं' इससे पहले दिन में दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों की न्यायिक हिरासत में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया था। सुनवाई के दौरान जब अदालत ने दोनों की उम्र पूछी, तो सामने आया कि सौरभ दास 27 वर्ष और आशुतोष रांका 31 वर्ष के हैं। इस पर जज ने तल्ख व चुटीली टिप्पणी करते हुए कहा—"इसका मतलब है कि आप जेन-जी (Gen-Z) नहीं हैं"। कानूनी खींचतान के बाद आखिरकार दोनों को राहत मिल गई।