प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड में भारतीय प्रवासियों (Indian Diaspora) को संबोधित करते हुए भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताया।
पीएम मोदी ने देश की उपलब्धियों को एक 'गुलदस्ते' के रूप में प्रस्तुत करते हुए मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप्स में भारत के शीर्ष वैश्विक दावों को रेखांकित किया।
सिख समुदाय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने अफगानिस्तान से गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों को लाने, हरमंदिर साहब की FCRA समस्या सुलझाने और पटना साहिब में जोड़े साहब की स्थापना का विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने भारतीय प्रवासियों को आश्वस्त किया कि अब किसी भारतीय प्रधानमंत्री को न्यूजीलैंड आने में 40 साल का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और इसे 'मोदी की गारंटी' बताया।
न्यूजीलैंड में गरजे पीएम मोदी: वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के बढ़ते सामर्थ्य का किया शंखनाद
ऑकलैंड/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड की धरती पर भारतीय समुदाय के एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए नए भारत की वैश्विक प्रगति का खाका खींचा। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक चुनौतियों के दौर में भी भारत जिस अभूतपूर्व गति से विकास कर रहा है, वह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। प्रधानमंत्री ने प्रवासियों से कहा कि हम अपनी जन्मभूमि को जितना प्यार करते हैं, हमारी कर्मभूमि के प्रति भी हमारा उतना ही समर्पण रहता है। उन्होंने वैश्विक पटल पर भारत की धमक को देशवासियों के सामूहिक सामर्थ्य का परिणाम बताया।
पृष्ठभूमि: 40 साल का लंबा इंतजार और 'मोदी की गारंटी'
न्यूजीलैंड में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने एक ऐतिहासिक तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने रेखांकित किया कि किसी भारतीय प्रधानमंत्री को न्यूजीलैंड आने में 40 साल का लंबा समय लग गया। हालांकि, उन्होंने मंच से प्रवासियों को आश्वस्त करते हुए 'मोदी की गारंटी' दी कि अब भविष्य में भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों में ऐसा लंबा अंतराल कभी नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि 'मोदी की गारंटी' का मतलब ही गारंटी के पूरा होने की गारंटी है, जो दोनों देशों के बीच भविष्य के प्रगाढ़ होते संबंधों को दर्शाती है।
महत्वपूर्ण वक्तव्य: उपलब्धियों का वह 'गुलदस्ता' जिसने हर भारतीय को गर्व से भर दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति को उपलब्धियों के एक सुंदर 'गुलदस्ते' के रूप में पेश किया। उनके अनुसार, आज भारत कई क्षेत्रों में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है:
"भारत आज दुनिया की फास्टेस्ट ग्रोइंग मेजर इकॉनमी है। आज हम दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन प्रोड्यूसर हैं, मोबाइल डेटा कंजम्पशन में अग्रणी हैं और दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मोबाइल मैन्युफैक्चरर बन चुके हैं। यह उस नए भारत की तस्वीर है जो इकोलॉजी और इकोनॉमी दोनों में संतुलन बनाकर चल रहा है।"
मुख्य तर्क: राष्ट्र निर्माण में सिख विरासत का सम्मान और बड़े फैसले
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण का एक बड़ा हिस्सा सिख समुदाय के योगदान और उनके प्रति सरकार के सेवा भाव को समर्पित किया। उन्होंने सरकार द्वारा लिए गए कई ऐतिहासिक निर्णयों को साझा किया:
1. अफगानिस्तान संकट और गुरु ग्रंथ साहिब का सम्मान
पीएम मोदी ने याद दिलाया कि जब अफगानिस्तान में संकट की स्थिति पैदा हुई थी, तब भारत सरकार ने पूरे मान-सम्मान और मर्यादा के साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों को सुरक्षित भारत वापस लाने का कार्य किया था। यह भारत की अपनी अमूल्य विरासत के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
2. हरमंदिर साहब की FCRA समस्या का त्वरित समाधान
सिख समुदाय की एक बड़ी चिंता को दूर करने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि श्री हरमंदिर साहब (स्वर्ण मंदिर) में सेवा कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए विदेशी अंशदान (नियमन) अधिनियम यानी एफसीआरए (FCRA) से जुड़ी कुछ व्यावहारिक दिक्कतें आ रही थीं। सरकार ने सिख भाई-बहनों के अनुरोध पर संवेदनशीलता दिखाते हुए उस समस्या का तत्काल समाधान निकाला।
3. श्री हेमकुंड साहब रोपवे और वीर बाल दिवस
दुर्गम हिमालयी चोटियों पर स्थित श्री हेमकुंड साहब की यात्रा को सुगम बनाने के लिए सरकार वहां अत्याधुनिक रोपवे का निर्माण करवा रही है ताकि बुजुर्गों और श्रद्धालुओं को कठिनाई न हो। इसके साथ ही, चार साहिबजादों और माता गुजरी के बलिदान की स्मृति में हर साल 26 दिसंबर को 'वीर बाल दिवस' मनाने की शुरुआत की गई है, जिससे अब देश का बच्चा-बच्चा राष्ट्र के लिए दिए गए उस महान बलिदान से वाकिफ हो रहा है।
4. पटना साहिब में 300 साल पुराने पवित्र 'जोड़े साहब' की स्थापना
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के परिवार का विशेष आभार व्यक्त करते हुए एक भावुक संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि पुरी परिवार ने श्री गुरु गोविंद सिंह जी और माता साहिब कौर जी के पवित्र 'जोड़े साहब' को 300 वर्षों से संभाल कर रखा था, जिसे विभाजन के समय वे सुरक्षित दिल्ली ले आए थे। जानकारों की समिति की सलाह पर अब इन पवित्र जोड़े साहब को पटना साहिब की पावन भूमि पर सुशोभित कर दिया गया है, जहां गुरु महाराज का जन्म हुआ था।
समाज और भविष्य पर प्रभाव: 'भारत को जानो' क्विज और डिजिटल क्रांति
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत आज दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का संचालन कर रहा है। हर महीने यूपीआई (UPI) के जरिए अरबों डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं, जिसमें दुनिया के दर्जनों देश रुचि दिखा रहे हैं। इसके साथ ही, युवा पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक विविधता से जोड़ने के लिए 'भारत को जानो' (Know India) क्विज के छठे संस्करण को ऐप के माध्यम से अत्यधिक हाई-टेक बनाया जा रहा है। उन्होंने न्यूजीलैंड के भारतीय युवाओं से इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति और मजबूत सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का एक अनूठा संगम था। एक तरफ जहां उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्पेस इकोनॉमी और रिन्यूएबल एनर्जी में भारत की वैश्विक छलांग का ब्योरा दिया, वहीं दूसरी तरफ देश की महान विरासत के संरक्षण का संकल्प भी दोहराया। यह संबोधन भारत और न्यूजीलैंड के उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की नई नींव रखता है।
10. Key Takeaways
आर्थिक महाशक्ति: भारत वर्तमान में विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था (Fastest Growing Major Economy) बना हुआ है।
उत्पादन में अग्रणी: भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक, सबसे बड़ा दूध उत्पादक तथा दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता और गेहूं उत्पादक देश है।
डिजिटल लीडरशिप: यूपीआई (UPI) के माध्यम से भारत में हर महीने अरबों डिजिटल ट्रांजैक्शन हो रहे हैं और वैश्विक स्तर पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का मॉडल पेश किया जा रहा है।
सिख विरासत का सम्मान: अफगानिस्तान से गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों को ससम्मान लाने से लेकर पटना साहिब में 300 साल पुराने पवित्र 'जोड़े साहब' स्थापित करने तक, सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं।
प्रशासनिक संवेदनशीलता: श्री हरमंदिर साहब में सेवा कार्यों के लिए आ रही एफसीआरए (FCRA) संबंधी बाधाओं को सरकार ने तुरंत दूर किया।
सुविधा और इंफ्रास्ट्रक्चर: बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में स्थित श्री हेमकुंड साहब तक रोपवे का निर्माण किया जा रहा है।
वीर बाल दिवस: साहिबजादों के शौर्य की स्मृति में 26 दिसंबर को प्रतिवर्ष 'वीर बाल दिवस' मनाकर नई पीढ़ी को प्रेरित किया जा रहा है।
वैश्विक संबंध: प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि अब भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों में पूर्व की भांति 40 वर्षों का लंबा कूटनीतिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।