वोटबैंक की राजनीति के लिए थलापति विजय सरकार का सनातन विरोधी चेहरा उजागर
तमिलनाडु की सत्ता संभालने के बाद तमिल सिनेमा के अभिनेता और 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय का कथित 'हिंदू हितैषी' होने का भ्रम पूरी तरह टूट चुका है। पेरियारवादी विचारधारा के मार्ग पर चलने वाली विजय सरकार के हालिया फैसले और नीतियां सीधे तौर पर सनातन परंपराओं, हिंदू आस्था और गौवंश की सुरक्षा पर आघात कर रही हैं।
इस वैचारिक विचलन और हिंदू विरोधी रुख को निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं के अंतर्गत समझा जा सकता है:
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गौहत्या प्रतिबंध का पुरजोर विरोध: मद्रास उच्च न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 48 का हवाला देते हुए पूरे तमिलनाडु में गाय और बछड़ों की हत्या (गौहत्या) पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक आदेश दिया था। न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि किसी भी त्योहार (जैसे बकरीद) पर गौवंश को नहीं काटा जाएगा। इसके विपरीत, हिंदुओं की पूजनीय गौमाता की रक्षा करने के बजाय थलापति विजय की सरकार कसाइयों के समर्थन में उतर आई और इस प्रतिबंध को हटाने के लिए तत्काल सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में याचिका दायर कर दी।
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पेरियारवादी विचारधारा और सनातन विरोध: अपनी पहली राजनीतिक रैली में ही विजय ने स्पष्ट कर दिया था कि उनकी पार्टी पूर्णतः ई.वी. रामासामी 'पेरियार' के सिद्धांतों पर चलेगी, जो जीवनभर हिंदू देवी-देवताओं और सनातन रीति-रिवाजों के घोर विरोधी रहे हैं।
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महान संतों के सनातन अस्तित्व को नकारना: महान तमिल संत तिरुवल्लुवर के सनातन एवं धार्मिक अस्तित्व को नकारते हुए विजय की पार्टी ने उन्हें एक 'गैर-धार्मिक' चरित्र के रूप में प्रस्तुत करने की वकालत की है, जो तमिल संस्कृति की मूल धार्मिक जड़ों पर प्रहार है।
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हिंदू त्योहारों में प्रशासनिक बाधाएं: तिरुपरंकुंड्रम पहाड़ी पर पारंपरिक कार्तिकेय दीपम त्योहार (कार्तिकाई दीपम) मनाने के लिए मद्रास उच्च न्यायालय से अनुमति मिलने के बावजूद, विजय सरकार के मंत्रियों और प्रशासन ने सुरक्षा व अन्य आंकड़े खड़े करके हिंदुओं को त्योहार मनाने से रोकने का प्रयास किया।
संपादकीय निष्कर्ष: नाम बदलने या सोशल मीडिया पर छवि चमकाने से नीत और नियत नहीं बदलती। थलापति विजय की सरकार तुष्टिकरण और वोटबैंक की उसी पुरानी हिंदू-विरोधी राजनीति के रास्ते पर चल पड़ी है, जहां हर प्रशासनिक फैसले की सीधी मार बहुसंख्यक हिंदू समाज और उसकी धार्मिक आस्था पर पड़ रही है।