NCRB रिपोर्ट 2024: देश में अपराध दर में गिरावट, हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराध भी हुए कम

NCRB रिपोर्ट 2024: देश में अपराध दर में गिरावट, हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराध भी हुए कम

नई दिल्ली। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2024 रिपोर्ट के अनुसार देश में कुल अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में देशभर में कुल 58.85 लाख अपराध दर्ज किए गए, जबकि 2023 में यह संख्या 62.41 लाख थी। यानी एक साल में अपराधों में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रति लाख आबादी पर अपराध दर भी कम हुई है। वर्ष 2023 में यह दर 448.3 थी, जो 2024 में घटकर 418.9 रह गई। NCRB के आंकड़ों को कानून-व्यवस्था के लिहाज से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

‘चोट’ से जुड़े मामलों में सबसे ज्यादा कमी

रिपोर्ट में सबसे बड़ी गिरावट ‘चोट’ से जुड़े अपराधों में देखने को मिली है। IPC की धारा 325, 326 और 329 से 335 के तहत दर्ज मामलों में करीब 30.58 प्रतिशत की कमी आई है। 2023 में जहां ऐसे 6.36 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में यह आंकड़ा घटकर 4.41 लाख रह गया।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे केवल अपराधों में कमी नहीं, बल्कि नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) के लागू होने का भी असर है। कई धाराओं के पुनर्गठन और साधारण चोट को संज्ञेय अपराध की श्रेणी से बाहर किए जाने के कारण आंकड़ों में बदलाव देखा गया है।

हत्या के मामलों में भी गिरावट

NCRB रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में हत्या के कुल 27,049 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले साल की तुलना में 2.4 प्रतिशत कम हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकांश हत्याएं आपसी विवाद, व्यक्तिगत दुश्मनी और आर्थिक कारणों से हुईं।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है। 2024 में ऐसे कुल 4.41 लाख मामले सामने आए, जबकि 2023 में यह संख्या 4.48 लाख थी। महिलाओं के खिलाफ सबसे अधिक मामले पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के रहे। इसके अलावा अपहरण, नाबालिग लड़कियों के खिलाफ अपराध और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले हमले प्रमुख श्रेणियों में शामिल रहे।

महिलाओं के खिलाफ अपराध दर भी 66.2 से घटकर 64.6 प्रति लाख महिला आबादी हो गई है।

SC-ST समुदायों के खिलाफ अपराध भी घटे

अनुसूचित जाति (SC) के खिलाफ अपराधों के 55,698 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 की तुलना में 3.6 प्रतिशत कम हैं। वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के खिलाफ अपराधों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। 2024 में ऐसे 9,966 मामले सामने आए, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 12,960 था। यानी इस श्रेणी में करीब 23.1 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है।

NCRB की रिपोर्ट को देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार का संकेत माना जा रहा है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि नए कानूनी प्रावधानों का असर भी आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है।