अयोध्या में 26 जनवरी से ठीक पहले उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब राम जन्मभूमि मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी सामने आई। यह सनसनीखेज सूचना डायल 112 पर एक फोन कॉल के जरिए दी गई, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना देरी किए कॉलर के मोबाइल नंबर को ट्रेस किया और कुछ ही घंटों में संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। पकड़ा गया युवक उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का निवासी बताया जा रहा है। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
देर रात आई कॉल से मची हलचल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 24 जनवरी की रात करीब साढ़े दस बजे डायल 112 पर कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने राम मंदिर में विस्फोट की आशंका जताई। कॉल की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, बम निरोधक दस्ता और खुफिया एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं।
मानसिक स्थिति या साजिश? हर पहलू की जांच
हिरासत में लिए गए युवक की प्रारंभिक जांच में उसकी मानसिक स्थिति असंतुलित बताई जा रही है, लेकिन पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर जल्दबाजी नहीं कर रही। खुफिया विभाग भी पूछताछ में जुटा है ताकि यह साफ हो सके कि यह महज़ अफवाह थी या किसी बड़ी साजिश की कड़ी।
पुलिस का आधिकारिक बयान
अयोध्या पुलिस की ओर से जारी बयान में बताया गया कि
“24 जनवरी 2026 की रात डायल 112 पर राम मंदिर में ब्लास्ट की सूचना दी गई थी। जांच में कॉल करने वाले की पहचान रामकरन पुत्र मुन्नालाल, निवासी मल्हान पुरवा दुल्हापुर, थाना नवाबगंज, जनपद गोंडा के रूप में हुई है। युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रथम दृष्टया वह मंदबुद्धि प्रतीत हो रहा है।”
26 जनवरी को लेकर सुरक्षा सख्त
गणतंत्र दिवस के मद्देनज़र देशभर में पहले से ही हाई अलर्ट घोषित है। ऐसे में धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। राम मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।