हिंदुओं को मजारों पर जाते देख पीड़ा होती है: कोटा में बोले बागेश्वर धाम सरकार

हिंदुओं को मजारों पर जाते देख पीड़ा होती है: कोटा में बोले बागेश्वर धाम सरकार

कोटा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने स्पष्ट और बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। राजस्थान के कोटा में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान उन्होंने सनातन धर्म, धर्मांतरण और हिंदू समाज की आत्मविश्वास की कमी पर खुलकर अपनी बात रखी।

कथा मंच से बोलते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जब वे हिंदू भाइयों को मजारों पर रूमाल बांधते या चादर चढ़ाने जाते देखते हैं, तो उनके मन को गहरी पीड़ा होती है। उन्होंने कहा कि यह दृश्य उन्हें भीतर तक कचोटता है और सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर हिंदू अपने ही आराध्य से दूर क्यों होते जा रहे हैं।

धर्मांतरण पर जताई चिंता

बागेश्वर धाम सरकार ने चमत्कारों के नाम पर हो रहे धर्मांतरण को गलत बताते हुए कहा कि किसी को बहला-फुसलाकर या डर दिखाकर धर्म बदलवाना सनातन परंपरा के विरुद्ध है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हिंदू समाज को अपनी आस्था और परंपरा पर गर्व करना चाहिए, न कि भ्रम में पड़ना चाहिए।

‘सनातन किसी से कम नहीं’

अपने संबोधन में उन्होंने दो टूक कहा कि सनातन धर्म किसी भी मत या मजहब से कमजोर नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हनुमान जी की कृपा से उन्हें यह शक्ति मिली है कि वे सनातन विरोधी ताकतों को बेनकाब कर सकें।

उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा—“ऐसी कोई गली नहीं जहां बजरंगबली की चली न हो।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह बातें वे किसी अहंकार में नहीं, बल्कि हनुमान जी की कृपा और आशीर्वाद के भरोसे कह रहे हैं।

तीन दिवसीय श्रीराम कथा का समापन

गौरतलब है कि कोटा में तीन दिवसीय श्रीराम कथा और गौमाता महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसका आज समापन हुआ। कथा सुनने के लिए कोटा के साथ-साथ बूंदी, बारां, झालावाड़ सहित राजस्थान के कई जिलों और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंचे।