रामगंजमंडी में आयोजित श्रीराम कथा और गो माता महोत्सव के मंच से राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक बड़ा और दूरगामी निर्णय सार्वजनिक किया। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में सहभागिता करते हुए मुख्यमंत्री ने कोटा में एक भव्य और आधुनिक गो अभयारण्य की स्थापना की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गो माता भारतीय परंपरा, ग्रामीण जीवन और सांस्कृतिक चेतना की रीढ़ हैं। राज्य सरकार गोवंश की सुरक्षा और संवर्धन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कोटा में प्रस्तावित यह गो अभयारण्य बेसहारा और निराश्रित गोवंश के लिए सुरक्षित ठिकाना बनेगा और गो सेवा से जुड़े संगठनों को स्थायी सहयोग प्रदान करेगा।
गो संरक्षण को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री के इस ऐलान को प्रदेश में गो संरक्षण नीति को मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों और हजारों श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री की घोषणा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
लोकसभा अध्यक्ष ने सराहा आयोजन का उद्देश्य
इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि राम कथा और गो माता महोत्सव जैसे आयोजन न केवल धार्मिक चेतना को जागृत करते हैं, बल्कि गो सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी बनते हैं।
मंत्रियों ने बताया दूरदर्शी फैसला
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मुख्यमंत्री के निर्णय को आयोजन के उद्देश्य की सार्थक पूर्ति बताया। वहीं ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने इसे गो संरक्षण के क्षेत्र में राज्य सरकार की दूरदर्शिता का प्रमाण कहा।
श्रद्धा और सेवा का संगम बना आयोजन

रामगंजमंडी में चल रही श्रीराम कथा में आसपास के गांवों के साथ-साथ प्रदेश के दूर-दराज इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पूरा परिसर भक्ति, सेवा और सामाजिक चेतना के वातावरण से सराबोर दिखाई दे रहा है। यह आयोजन अब केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि गो सेवा और जनजागरण का सशक्त मंच बनकर उभर रहा है।