आगरा। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने आगरा में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में हिंदुत्व की एकता को लेकर तीखा और भावनात्मक संदेश दिया। मंच से उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि हिंदू समाज बिखरा रहा, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए भारी खतरा खड़ा हो सकता है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए ठाकुर महाराज ने कहा कि वे किसी से द्वेष नहीं चाहते, लेकिन मंदिरों को तोड़ने की मानसिकता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा—“यह राम और कृष्ण की भूमि है। अतिथि का सम्मान हमारी परंपरा है, लेकिन घर में अतिक्रमण की इजाजत नहीं दी जा सकती।”
पड़ोसी देशों का उदाहरण देकर चेताया
देवकीनंदन ठाकुर ने बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज की दिशा का अंदाजा आसपास की परिस्थितियों से लगाया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते नहीं संभले, तो असर भले आज न दिखे, लेकिन आने वाली पीढ़ियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
हिंदू राष्ट्र की कल्पना के लिए एकता जरूरी
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज आज बंटा हुआ है और एकजुटता ही समाधान है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ घटनाओं में धर्म पूछकर निशाना बनाया गया, जो चिंताजनक है। ठाकुर महाराज ने कहा कि व्यक्तिगत अहंकार छोड़कर समाज को एक मंच पर आना होगा, तभी हिंदू राष्ट्र का सपना साकार हो सकेगा।
पूर्व नीतियों पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में उन्होंने पूर्व सरकारों की नीतियों पर भी निशाना साधा और जनसंख्या असंतुलन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ योजनाएं समाज को कमजोर करने की सोच के तहत लाई गईं, जिसका असर आज दिखने लगा है।
सनातन मूल्यों को अपनाने की अपील
देवकीनंदन ठाकुर ने सनातन समाज से आपसी मतभेद भूलकर साथ चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि जाति और ऊंच-नीच के भेद से ऊपर उठकर देश और धर्म के लिए काम करना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि वे ठाकुर जी की स्थापना और मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
संस्कृति, संस्कार और सुरक्षा पर जोर
ठाकुर महाराज ने युवाओं से शास्त्र और शस्त्र—दोनों का ज्ञान रखने की बात कही और बच्चों को संस्कारों से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब हिंदू केवल राम का नाम ही नहीं, बल्कि रामायण के आदर्शों को भी अपनाएगा, तब देश पर कोई बुरी नजर नहीं डाल सकेगा।
सनातनियों से अंतिम आह्वान
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि सनातनी समाज को एक स्वर में संकल्प लेना होगा—हम सनातनी हैं और यह देश हमारा है। उन्होंने हिंदुओं से आपसी संघर्ष छोड़कर एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि एकता ही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है।