मुरादाबाद में नाबालिगों से जुड़ा संवेदनशील मामला: 5 किशोरियों पर धर्मांतरण कानून के तहत केस

मुरादाबाद में नाबालिगों से जुड़ा संवेदनशील मामला: 5 किशोरियों पर धर्मांतरण कानून के तहत केस

मुरादाबाद (यूपी) उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक बेहद संवेदनशील और चर्चा में बना मामला सामने आया है, जहाँ धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत पाँच नाबालिग किशोरियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामला न सिर्फ कानूनी बल्कि सामाजिक स्तर पर भी बहस का विषय बन गया है, क्योंकि इसमें शामिल सभी पक्ष नाबालिग बताए जा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, ये घटना 12 दिसंबर 2025 की है, लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया। वीडियो सामने आते ही पुलिस ने औपचारिक कार्रवाई शुरू की।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता दक्ष चौधरी ने आरोप लगाया कि उनकी 16 वर्षीय बहन कुछ समय से पाँच मुस्लिम सहेलियों के संपर्क में थी। आरोप है कि एक दिन उन लड़कियों ने उनकी बहन को बुर्का पहनाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाने की कोशिश की। परिवार को शक है कि यह केवल कपड़े बदलने का मामला नहीं, बल्कि धर्म परिवर्तन से जुड़ा प्रयास हो सकता है। इसी आधार पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

 

वायरल वीडियो ने बढ़ाई हलचल

घटना से जुड़ा करीब एक मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। वीडियो में संकरी गली के भीतर कुछ किशोरियाँ दिखाई देती हैं, जहाँ एक हिंदू लड़की बुर्का पहनती नजर आ रही है और बाकी लड़कियाँ उसकी मदद करती दिखती हैं।

पुलिस का कहना है कि यह स्थान उस रेस्टोरेंट के पास का है, जहाँ पीड़िता के भाई की दुकान स्थित है। जांच में यह भी सामने आया है कि लड़की ने डर या पहचान छिपाने के उद्देश्य से बुर्का पहना हो सकता है।

धर्मांतरण कानून के तहत क्यों दर्ज हुआ केस?

उत्तर प्रदेश के गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत, किसी भी व्यक्ति को दबाव, लालच, धोखे या प्रभाव में आकर धर्म बदलवाना अपराध है।

चूंकि इस मामले में नाबालिग शामिल हैं, इसलिए कानून इसे और गंभीरता से देखता है। हालांकि पुलिस यह भी स्पष्ट कर चुकी है कि अभी इरादे (Intent) और परिस्थितियों की गहराई से जांच की जा रही है।

पुलिस का आधिकारिक बयान

मुरादाबाद के पुलिस अधीक्षक कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि: “शिकायत मिलते ही FIR दर्ज की गई है। चूंकि सभी लड़कियां नाबालिग हैं, इसलिए कानून के तहत उनकी तत्काल गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।”

पुलिस दोनों पक्षों के परिवारों, स्कूल संपर्कों और दोस्तों से पूछताछ कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि मामला साजिश, गलतफहमी या सामान्य दोस्ती से जुड़ा था।

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सवाल जो अब भी कायम हैं

क्या यह सच में धर्मांतरण से जुड़ा प्रयास था? या फिर दोस्ती के दायरे में हुई कोई असावधानी?

क्या सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मामले को जरूरत से ज्यादा तूल दे दिया?

फिलहाल FIR दर्ज हो चुकी है और मामला जांच के अधीन है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।