उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में प्रस्तावित कॉरिडोर और परिसर विकास के तहत स्टील रेलिंग लगाने के कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि इस कार्य का ठेका कनिका कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार सलीम अहमद को दिया गया है, जिस पर स्थानीय संत समाज और बृजवासियों ने आपत्ति जताई है।
इस मुद्दे को लेकर फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर ठेका तत्काल रद्द करने और पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। संत समाज का कहना है कि बांके बिहारी मंदिर ब्रज की आस्था का केंद्र है और ऐसे स्थल पर ठेके के आवंटन में धार्मिक भावनाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
पत्र में फलाहारी महाराज ने उल्लेख किया है कि ब्रजभूमि भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली है और यहां किसी भी प्रकार का कार्य स्थानीय आस्था के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब सनातन परंपरा से जुड़े ठेकेदार उपलब्ध हैं, तो बाहरी ठेकेदार को यह जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई।
मामले के तूल पकड़ने के बाद फिलहाल रेलिंग का कार्य शुरू नहीं किया गया है। वहीं, इस पूरे विवाद पर अभी तक प्रशासन या संबंधित ठेकेदार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थानीय पुजारी, साधु-संत और कुछ नागरिकों ने भी इस निर्णय पर नाराज़गी जताते हुए ठेका रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि मंदिर परिसर से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और स्थानीय भावनाओं का सम्मान जरूरी है।
फिलहाल यह मामला चर्चा में बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।