उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से शिक्षा व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। नौहझील ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाचार्य पर बच्चों को कथित रूप से धार्मिक गतिविधियों में शामिल करने और उन पर मानसिक प्रभाव डालने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला उजागर होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रधानाचार्य जान मोहम्मद को निलंबित कर दिया है। विभागीय स्तर पर पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत में क्या आरोप लगाए गए?
भाजपा बाजना मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया है कि विद्यालय के प्रधानाचार्य लंबे समय से बच्चों को कथित तौर पर एक विशेष धर्म की ओर प्रेरित कर रहे थे। आरोप है कि स्कूल परिसर में बाहरी लोगों का भी आना-जाना होता था, जिनका संबंध कथित रूप से तबलीगी जमात से बताया गया है।
शिकायत के अनुसार, बच्चों को यह समझाने की कोशिश की जाती थी कि एक खास धर्म ही सर्वोत्तम है, जिससे उनके मानसिक विकास और निष्पक्ष शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
राष्ट्रगान को लेकर भी गंभीर दावा
शिकायत में एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया गया है। दावा किया गया है कि विद्यालय में नियमित रूप से राष्ट्रगान नहीं कराया जाता था। इतना ही नहीं, अगर कोई छात्र राष्ट्रगान गाने की कोशिश करता था, तो उसे कथित तौर पर डांटा-फटकारा जाता था। यह भी कहा गया है कि प्रधानाचार्य स्वयं राष्ट्रगान के दौरान सम्मान में खड़े नहीं होते थे।
शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि किसी भी विद्यालय में बच्चों को किसी विशेष धर्म की ओर प्रेरित करना या राष्ट्रगान जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करना अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच निष्पक्ष रूप से कराई जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल शिक्षा विभाग द्वारा गठित जांच समिति पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की शिक्षा और मानसिक स्वतंत्रता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।