गुरुग्राम : जिले के समस्त सरकारी एवं निजी विद्यालयों में 14 फरवरी को ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ आयोजित किए जाने की मांग को लेकर सामाजिक संस्था जनजागरण मंच के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त गुरुग्राम को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यह पहल विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
ज्ञापन में कहा गया कि बीते कुछ वर्षों से 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के रूप में मनाने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जो भारतीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों से मेल नहीं खाती। इसके कारण युवाओं में भावनात्मक अस्थिरता, मानसिक तनाव, अनुशासनहीनता तथा सामाजिक मर्यादाओं के उल्लंघन जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। कई सामाजिक अध्ययनों और समाचार रिपोर्ट्स में कम उम्र में तनाव, अवसाद, पारिवारिक कलह और सामाजिक भटकाव जैसी चिंताजनक स्थितियों की ओर संकेत किया गया है।
जनजागरण मंच ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि इन सामाजिक चुनौतियों के समाधान के उद्देश्य से बापू आसाराम जी द्वारा वर्ष 2007 से 14 फरवरी को ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ मनाने की प्रेरणा दी गई। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को माता-पिता के प्रति कृतज्ञता, सम्मान और सेवा भाव से जोड़ना है, जिससे पारिवारिक संस्कृति को सुदृढ़ किया जा सके।
संस्था ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में विद्यालयों और सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इससे माता-पिता और बच्चों के बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ा है, परिवारों में संवाद और सम्मान का वातावरण बना है तथा युवाओं में संयम, अनुशासन और नैतिक चेतना का विकास हुआ है। साथ ही सामाजिक अपराधों और भटकाव की प्रवृत्तियों में भी कमी देखी गई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि देश के कई गणमान्य सांसदों, केंद्र सरकार के मंत्रियों और विभिन्न राज्य सरकारों के मंत्रियों द्वारा इस दिवस की सार्वजनिक रूप से सराहना की जा चुकी है। छत्तीसगढ़, राजस्थान सहित कुछ राज्यों में सरकारों द्वारा विद्यालयों में इस दिवस को मनाने के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से आग्रह किया कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित जिले में, जहां युवा वर्ग की संख्या अधिक है, वहां संस्कारात्मक कार्यक्रमों की विशेष आवश्यकता है। यदि विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को माता-पिता के महत्व से परिचित कराया जाए तो यह उनके व्यक्तित्व निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि 14 फरवरी को जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ मनाने के लिए जिला स्तर से दिशा-निर्देश जारी किए जाएं तथा शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाए।
इस अवसर पर जनजागरण मंच के अध्यक्ष योगेन्द्र सिंह चौधरी के साथ गिरधारी मिश्रा, अनिल कुमार शर्मा, हरिशंकर कुमार और दिलीप कुमार भी उपस्थित रहे।