मक्का पैक्ट के बाद बड़ा सैन्य गठबंधन: अब हुआ 'बद्र करार', पाक, तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया मिलकर बनाएंगे घातक हथियार
दोहा (The Jagran News): वैश्विक भू-राजनीति में एक नया और आक्रामक सैन्य समीकरण उभरकर सामने आया है! सऊदी अरब के साथ 'मक्का पैक्ट' करने के बाद अब पाकिस्तान ने तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया के साथ मिलकर एक नया रक्षा मोर्चा खोल दिया है। कतर की राजधानी दोहा में चारों देशों ने ऐतिहासिक 'बद्र करार' (Badr Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत ये देश मिलकर घातक हथियार बनाएंगे, सैन्य तकनीक ट्रांसफर करेंगे और संयुक्त रक्षा अनुसंधान (R&D) को अंजाम देंगे।
तुर्किये की तकनीक और कतर का अकूत पैसा इस गठबंधन में भूमिकाएं स्पष्ट रूप से तय की गई हैं। हथियारों के मुख्य उत्पादन केंद्र तुर्किये में स्थापित होंगे, जिसके पास नाटो (NATO) की दूसरी सबसे बड़ी सेना और मजबूत सैन्य उद्योग है। वहीं, भारी-भरकम फंडिंग की जिम्मेदारी कतर उठाएगा। खाड़ी देशों में ईरान युद्ध और होर्मुज संकट के सबक के बाद सस्ते और प्रभावी एयर डिफेंस सिस्टम तैयार करने पर विशेष फोकस है। चारों देशों के विशेषज्ञों का एग्जीक्यूटिव बोर्ड संयुक्त उत्पादन का खाका तैयार करेगा।
सऊदी-तुर्किये को परमाणु कवच देने की तैयारी में पाकिस्तान हाल ही में सामने आई 'मक्का पैक्ट' की शर्तों के मुताबिक, युद्ध और शांति दोनों परिस्थितियों में तीनों देश एक-दूसरे को गोला-बारूद, ईंधन और हथियार मुहैया कराएंगे। सबसे सनसनीखेज पहलू यह है कि परमाणु शक्ति संपन्न पाकिस्तान द्वारा सऊदी अरब और तुर्किये को जरूरत पड़ने पर सुरक्षा कवच दिए जाने की संभावना जताई गई है।
मालदीव में भी पाक की दस्तक दूसरी ओर, पाकिस्तान ने मालदीव के सैनिकों व पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग देने और रणनीतिक सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी अलग रक्षा करार पर दस्तखत किए हैं। मुस्लिम देशों का यह नया त्रिकोण और रक्षा धड़ा आने वाले समय में वैश्विक सुरक्षा संतुलन को पूरी तरह बदल सकता है।