झारखंड में सरकारी दवा खरीद में बड़ा घोटाला !!

झारखंड में सरकारी दवा खरीद में बड़ा घोटाला !!

झारखंड में सरकारी दवा खरीद में बड़ा खेल: बिहार जो दवा ₹1.50 में खरीद रहा, झारखंड उसके चुका रहा ₹3.50; 4 गुना तक ज्यादा दरों पर खरीदारी

रांची: झारखंड के सरकारी अस्पतालों में गरीबों को मुफ्त मिलने वाली जरूरी दवाओं की सरकारी खरीद में चौंकाने वाली गड़बड़ी सामने आई है। पड़ोसी राज्य बिहार और छत्तीसगढ़ जिस दवा को महज ₹1 से ₹1.50 में खरीद रहे हैं, उसी दवा के लिए झारखंड का स्वास्थ्य विभाग दो से तीन गुना तक ज्यादा कीमत चुका रहा है। लाखों यूनिट की इस थोक खरीद में यह मामूली दिखने वाला अंतर करोड़ों रुपये के सरकारी बजट के वारे-न्यारे की ओर इशारा कर रहा है।

पड़ताल के मुताबिक, राजस्थान में जो ओआरएस (ORS) घोल ₹1.99 में और बिहार-छत्तीसगढ़ में करीब ₹2 में खरीदा जा रहा है, उसी के लिए झारखंड ₹8.50 प्रति पैकेट चुका रहा है। वहीं 35 पैसे का रैनिटिडिन इंजेक्शन झारखंड में ₹4 में खरीदा जा रहा है। एमोक्सीसिलीन 500mg जहां बिहार में ₹1.15 में मिलती है, वहीं झारखंड में इसके लिए ₹3.50 दिए जा रहे हैं। यही हाल पैरासिटामोल, सेफ्ट्रिएक्सोन, एजिथ्रोमाइसिन और डायक्लोफेनाक जैसी आम व जीवनरक्षक दवाओं का भी है।

केंद्रीकृत टेंडर न होना और पुरानी सूची बनी वजह विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य स्तर पर पारदर्शी व केंद्रीकृत टेंडर प्रक्रिया ठप होने के चलते जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से अलग-अलग स्थानीय खरीद की जा रही है, जिससे कीमतों में यह मनमाना अंतर देखने को मिल रहा है।

इसके अलावा, झारखंड में आवश्यक दवा सूची (EDL) साल 2016 के बाद से पिछले 10 वर्षों में संशोधित ही नहीं की गई है। जहां बिहार में 650 और छत्तीसगढ़ में 700 से ज्यादा दवाएं इस सूची में शामिल हैं, वहीं झारखंड महज 354 दवाओं की पुरानी सूची पर अटका हुआ है। मामले के तूल पकड़ने पर हेल्थ कॉर्पोरेशन के एमडी शशि प्रकाश झा ने दरों के अंतर की जिलावार समीक्षा कराने और दर निर्धारण व्यवस्था पर विचार करने की बात कही है।