बड़वाह में रामकथा के दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने उठाई ‘सनातन बोर्ड’ की मांग

बड़वाह में रामकथा के दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने उठाई ‘सनातन बोर्ड’ की मांग

मध्य प्रदेश के बड़वाह क्षेत्र में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान प्रसिद्ध कथावाचक Devkinandan Thakur ने ‘सनातन बोर्ड’ के गठन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए ऐसा संस्थागत ढांचा जरूरी है।

काटकूट क्षेत्र के ओखला में चल रही सात दिवसीय रामकथा के चौथे दिन उन्होंने युवाओं को वेद, उपनिषद, Ramayana और Bhagavad Gita जैसे ग्रंथों से जोड़ने की बात कही। उनके अनुसार, इससे समाज में संस्कार, नैतिकता और राष्ट्रभावना मजबूत होगी।

कार्यक्रम में सुंदर धाम आश्रम के महामंडलेश्वर बालक दास जी महाराज और क्षेत्रीय विधायक Sachin Birla ने व्यासपीठ पूजन किया।

कथा के दौरान ठाकुर ने सामाजिक मुद्दों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती शराब की दुकानों से सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। साथ ही उन्होंने मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने, उनकी आय का उपयोग गौशालाओं, संस्कृत शिक्षा और अन्नदान में करने जैसी मांगें रखीं।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि धार्मिक स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के बजाय उनकी पवित्रता बनाए रखी जाए और वहां मांस व मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध हो।

कथा प्रसंग में उन्होंने रावण के चरित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि अत्यधिक ज्ञान के बावजूद अहंकार उसके पतन का कारण बना। वहीं, भगवान Hanuman के उदाहरण से उन्होंने निस्वार्थ सेवा और विनम्रता को सच्ची भक्ति का आधार बताया।

कार्यक्रम के अंत में महाआरती और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया