‘वंदे मातरम्’ गाइडलाइंस पर सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन की आपत्ति, कहा— मजबूरी से नहीं होना चाहिए

‘वंदे मातरम्’ गाइडलाइंस पर सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन की आपत्ति, कहा— मजबूरी से नहीं होना चाहिए

दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा ‘वंदे मातरम्’ गीत को लेकर जारी की गई नई गाइडलाइंस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता डॉ. एसटी हसन ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए इसे विवाद पैदा करने वाला कदम बताया है।

एसटी हसन ने कहा कि भारत विविधता वाला देश है, जहाँ अलग-अलग धर्म और विचारधाराओं के लोग साथ रहते हैं। उनके अनुसार, कुछ समुदायों के लोग ‘वंदे मातरम्’ को धार्मिक आस्था से जोड़कर देखते हैं और इसे इबादत के रूप में मानते हैं, जबकि उनके मजहब में इस प्रकार की प्रार्थना की अनुमति नहीं है। ऐसे में किसी को भी किसी गीत को गाने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को किसी विशेष गीत या नारे के उच्चारण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि देश की एकता और सौहार्द को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और ऐसे कदमों से विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।

“नेशनल इंटीग्रेशन पर असर पड़ सकता है”

एसटी हसन ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के मुद्दों से सामाजिक ध्रुवीकरण बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई, रोजगार और उद्योग जैसे कई अहम मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, किसी भी निर्णय में लोगों को विकल्प (च्वाइस) मिलना चाहिए और बाध्यता से बचना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी नारे या धार्मिक अभिव्यक्ति के लिए दबाव डाला जाता है, तो न्यायालय ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करता है। इसलिए सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान होना चाहिए।

क्या हैं नई गाइडलाइंस?

केंद्र सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, निर्धारित कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान दोनों का गायन अनिवार्य किया गया है। दिशा-निर्देशों के मुताबिक, पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद राष्ट्रगान गाया जाएगा। कुल समय सीमा तीन मिनट दस सेकेंड तय की गई है। इस दौरान उपस्थित लोगों को राष्ट्रगान की तरह सावधान मुद्रा में खड़े रहने का निर्देश दिया गया है।

इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएँ सामने आ सकती हैं।