उदयनिधि स्टालिन (DMK): सनातन धर्म की तुलना मलेरिया-डेंगू से की और मई 2026 में विधानसभा में फिर दोहराया कि इसे खत्म कर देना चाहिए।
वी.एम.एस. मुस्तफा (TVK MLA): मई 2026 में विवादित बयान दिया कि वे राजनीति में आए ही सनातन को मिटाने के लिए हैं।
ए राजा (DMK): सनातन धर्म की तुलना एचआईवी (HIV) और समाज के लिए कलंक मानी जाने वाली बीमारियों से की।
स्वामी प्रसाद मौर्य (SP): सनातन धर्म को एक 'धोखा' बताया और कहा कि यह केवल कुछ वर्गों के फायदे के लिए बनाया गया है।
चंद्रशेखर प्रसाद (RJD): हिंदू धार्मिक ग्रंथ रामचरितमानस को समाज में नफरत फैलाने वाला बताया था।
के. पोनमुडी (DMK): बयान दिया था कि उनके गठबंधन का मुख्य उद्देश्य ही सनातन धर्म के सिद्धांतों का विरोध करना है।
प्रियांक खरगे (Congress): कहा कि कोई भी धर्म जो समानता को बढ़ावा नहीं देता, वह किसी बीमारी की तरह ही है।
राहुल गांधी (Congress): संसद में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं, वे चौबीसों घंटे हिंसा और नफरत में लगे रहते हैं, जिसपर काफी विवाद हुआ था।
दिग्विजय सिंह (Congress): 'हिंदू आतंकवाद' और 'भगवा आतंकवाद' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा किया था।