“गाली से नहीं, सुधार से बनेगा हिंदू राष्ट्र” — धीरेंद्र शास्त्री का संदेश

“गाली से नहीं, सुधार से बनेगा हिंदू राष्ट्र” — धीरेंद्र शास्त्री का संदेश

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को लेकर एक संतुलित और आत्ममंथन वाला बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी समुदाय को अपशब्द कहने या निशाना बनाने से देश कभी हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता। इसके लिए हिंदू समाज को पहले खुद के भीतर झांकना होगा।

उत्तर प्रदेश के बांदा पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने एक धार्मिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू समाज को अपनी कमजोरियों, कुरीतियों और आपसी भेदभाव को दूर करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जाति-पात से ऊपर उठकर ही समाज मजबूत बन सकता है।

मुसलमानों को गाली देने से लक्ष्य पूरा नहीं होगा

धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुसलमानों को गाली देना या दूसरे धर्मों के खिलाफ नफरत फैलाना किसी भी समाधान का रास्ता नहीं है। उन्होंने अपने अनुयायियों से संयम और विवेक बनाए रखने की अपील की और कहा कि हिंदू राष्ट्र की सोच आत्म-सुधार से शुरू होती है, न कि दूसरों को दोष देने से।

कानून और शांति का सम्मान जरूरी

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सामाजिक व्यवस्था और कानून के पालन पर भी बात की। बिना किसी धर्म का नाम लिए उन्होंने कानूनी प्रक्रियाओं की तुलना करते हुए कहा कि हमारे समाज में फैसले लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरते हैं, इसलिए धैर्य और कानून के प्रति सम्मान जरूरी है।

आत्म-सुधार ही असली राष्ट्र निर्माण

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अगर हिंदू समाज अपनी बुराइयों को सुधार ले, आपसी एकता बनाए और कानून के दायरे में रहकर आगे बढ़े, तभी देश प्रगति कर सकता है और हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना साकार हो सकती है।

उन्होंने दोहराया कि समाज में शांति, सम्मान और सुधार ही किसी भी बड़े लक्ष्य की असली नींव होते हैं।