झारखंड में ₹5 करोड़ लगाकर 50 करोड़ की कमाई का सफ़र

झारखंड में ₹5 करोड़ लगाकर 50 करोड़ की कमाई का सफ़र

झारखंड शराब घोटाले में ACB का विस्फोटक खुलासा: JSBCL में सलाहकार बनने के लिए अरुणपति ने दिए ₹5 करोड़, पॉलिसी बदलने के लिए 50 करोड़ की घूस!

रांची: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच में रिश्वतखोरी और सिंडिकेट गठजोड़ को लेकर बेहद सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। एसीबी द्वारा अदालत में सौंपी गई जानकारी के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अपनी जांच की रफ्तार तेज कर दी है। जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक अरुणपति त्रिपाठी इस पूरे घोटाले के मुख्य षड्यंत्रकारियों में से एक हैं।

सह-अभियुक्त अमित मित्तल के बयानों के अनुसार, झारखंड स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) में अधिकृत सलाहकार नियुक्त कराने के लिए अरुणपति त्रिपाठी और अनवर ढेबर ने तत्कालीन सचिव को ₹5 करोड़ की रिश्वत दी थी। इतना ही नहीं, झारखंड में छत्तीसगढ़ मॉडल की उत्पाद नीति-2022 लागू कराने और सिंडिकेट का कब्जा जमाने के लिए विधु गुप्ता और त्रिपाठी ने तत्कालीन सचिव को करीब ₹40 से ₹50 करोड़ की भारी-भरकम रिश्वत पहुंचाई थी।

एसीबी की जांच में देशी शराब निर्माताओं से प्रति कार्टन ₹300 से ₹600 की अवैध वसूली और मैनपावर सप्लाई टेंडर मैनेज करने के आरोप भी सामने आए हैं। जांच के मुताबिक, मैनपावर टेंडर के बदले भी ₹5 करोड़ की घूस दी गई थी।

गौरतलब है कि जुलाई 2023 में दुकानों में मैनपावर बहाली और फर्जी बैंक गारंटी से शुरू हुई इस जांच में एसीबी ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब केंद्रीय एजेंसी ईडी इस बात की कड़ियां जोड़ने में जुटी है कि रिश्वत की यह काली कमाई किन-किन बड़े चेहरों और अफसरों तक पहुंची।