बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जल्द ही एक महीने के एकांतवास पर जाने वाले हैं। इस दौरान वे उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम के बर्फीले पहाड़ों में रहकर साधना और आत्मचिंतन करेंगे। उन्होंने बताया कि इस अवधि में वे पूरी तरह सार्वजनिक जीवन से दूर रहेंगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि एकांतवास के दौरान वे मोबाइल फोन, टीवी, इंटरव्यू, कथा और दिव्य दरबार जैसे सभी कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखेंगे। उनका कहना है कि इस समय उन्हें आध्यात्मिक साधना और आत्ममंथन की आवश्यकता महसूस हो रही है।
गो, गंगा और सनातन के मुद्दे पर शंकराचार्य का समर्थन
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गो, गंगा और सनातन धर्म के मुद्दों पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जो भी संत गौ माता, गीता और सनातन संस्कृति की रक्षा की बात करते हैं, वे उनके साथ हैं।
उन्होंने बताया कि शंकराचार्य द्वारा गाय से जुड़ा मुद्दा उठाया गया है और देशभर में इसे लेकर अभियान भी चल रहा है। एक गोसेवक होने के नाते वे इसका नैतिक समर्थन करते हैं। हालांकि लखनऊ में प्रस्तावित सभा के लिए उन्हें अभी तक कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है।
काशी विश्वनाथ के किए दर्शन
शुक्रवार को धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी माता के साथ काशी पहुंचे और बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनसे मिलने पहुंचे और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
उन्होंने अपने भक्तों से बातचीत करते हुए धर्म, आस्था और सकारात्मक जीवन जीने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा उन्हें हमेशा नई प्रेरणा देती है।
डोनाल्ड ट्रम्प पर भी दिया बयान
इस दौरान उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर भी टिप्पणी की। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ट्रम्प भरोसेमंद नेता नहीं हैं, क्योंकि वे अक्सर अपने बयानों में बदलाव करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि टैरिफ वॉर जैसी नीतियां दुनिया में तनाव बढ़ाने का काम करती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और वैश्विक तनाव का स्थायी समाधान सनातन संस्कृति के शांति के मार्ग में ही छिपा है।
आत्मसंयम और साधना की जरूरत
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर उनके लिए साधना और आत्मसंयम बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जीवन में कई प्रकार के प्रलोभन सामने आते हैं, लेकिन तपस्या और आत्मनियंत्रण ही सही मार्ग दिखाते हैं।