नई दिल्ली: महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक आईटी सेवा कंपनी से जुड़ी बीपीओ यूनिट में महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और शोषण के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। मामले के सामने आने के बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है और विभिन्न नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। आरोप है कि कंपनी में कार्यरत कुछ महिला कर्मचारियों के साथ कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार, दबाव और उत्पीड़न किया गया। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 9 एफआईआर दर्ज की हैं। इस मामले में टीम लीडर और एचआर मैनेजर सहित कम से कम 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
शहजाद पूनावाला का बयान
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने पोस्ट में विभिन्न प्रकार के “जिहाद” शब्दों का उल्लेख करते हुए इस घटना को गंभीर बताते हुए सवाल उठाए। पूनावाला अक्सर समसामयिक और संवेदनशील मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री की भी प्रतिक्रिया
वहीं, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महिला कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि कर्मचारियों की सुरक्षा और गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि शिकायतों को खुलकर सामने लाने के लिए सुरक्षित माहौल बनाया जाए और हर मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
जांच जारी, कार्रवाई की मांग
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। इस घटना के बाद कार्यस्थल पर सुरक्षा और महिलाओं के अधिकारों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।