पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाज़ार में गुरुवार को निर्माणाधीन इमारत के एक हिस्से के गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए। शुक्रवार तड़के पुलिस ने तीन ठेकेदारों को फरीदाबाद के दौज इलाके से गिरफ्तार किया। नगर निगम (MCD) ने क्षेत्र के दो इंजीनियरों को कथित कर्तव्य में गंभीर लापरवाही के आरोप में निलंबित कर जांच के अधीन रखा है। आरोप अभी जांच और अदालती प्रक्रिया के दायरे में हैं।
अवैध मंजिलों का आरोप
MCD अधिकारियों के प्रारंभिक बयान के अनुसार रिकॉर्ड में दर्ज मालिक ने मरम्मत के नाम पर दूसरी और तीसरी मंजिल का नया निर्माण कराया, जबकि अप्रैल में जारी सलाह में स्पष्ट था कि यह पुनर्निर्माण की अनुमति नहीं है। आरोप है कि तीसरी मंजिल के लिंटेल का शटरिंग जल्दबाजी में हटाया गया, जिसके बाद ढांचा ढह गया। प्लॉट संकरी गली में है, जहां वाहन पहुंच मुश्किल बताई गई।
पुलिस ने पहले ही चेताया था
हौज काजी थानाध्यक्ष के 15 जून के पत्र में MCD को अवैध निर्माण की सूचना दी गई थी और ठेकेदार का नाम भी दर्ज था। डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि पुलिस ने रुकवाने को कहा था, लेकिन काम नहीं रुका। घटना के समय 10–15 मजदूर मौजूद बताए गए। गिरफ्तार आरोपी ठेकेदारों के नाम रिपोर्टों में सिराज, ताजुद्दीन और फुरकान बताए गए हैं।
निलंबन और आगे की कार्रवाई
MCD ने सहायक इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को निलंबित किया है। पुलिस का प्रारंभिक आकलन है कि तीसरी मंजिल का स्लैब डालने के कुछ ही दिनों बाद काम फिर शुरू कर दिया गया, जबकि सामान्यतः पर्याप्त समय प्रतीक्षा जरूरी होती है। बचाव कार्य में NDRF समेत टीमें लगी रहीं।
सवाल पुरानी दिल्ली पर
चावड़ी बाज़ार जैसे घने बाजार इलाकों में बिना अनुमति ऊंची मंजिलें बनाना बार-बार दुर्घटनाओं की वजह बनता रहा है। दोषसिद्धि से पहले सभी आरोप साबित होने बाकी हैं। जांच से साफ होना चाहिए कि चेतावनी के बावजूद निर्माण क्यों जारी रहा और निगरानी कहां चूकी।