यूरोप में फर्जी बम धमकियों से 30+ उड़ानें बाधित

यूरोप में फर्जी बम धमकियों से 30+ उड़ानें बाधित

यूरोप में इस सप्ताह फर्जी बम धमकियों ने हवाई यातायात को बाधित किया। द गार्डियन सहित अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार कम से कम तीन दर्जन उड़ानें प्रभावित हुईं; कई को आपातकालीन लैंडिंग या डायवर्जन करना पड़ा। गुरुवार को इटली, आयरलैंड, ब्रिटेन, स्पेन, पोलैंड समेत कई देशों में करीब 25 धमकियों की खबरें आईं। सभी विमान सुरक्षित उतरे और तलाशी में कुछ संदिग्ध नहीं मिला।


कौन-कौन सी एयरलाइंस
रिपोर्टों में रयानएयर, एर लिंगस, विज एयर, फिनएयर, इज़ीजेट, एजियन, इबेरिया, लॉट पोलिश एयरलाइंस समेत कई कंपनियों की उड़ानों का जिक्र है। लंदन हीथ्रो और बर्मिंघम में भी धमकियां मिलीं, जिन्हें जांच के बाद फर्जी पाया गया। यूरोकंट्रोल के अनुसार गुरुवार को यूरोप में हजारों उड़ानें निर्धारित थीं; प्रभावित संख्या कुल यातायात का बहुत छोटा हिस्सा रही, फिर भी यात्रियों को देरी और तनाव झेलना पड़ा।


जांच: राज्य-एक्टर का सबूत नहीं
जांच एजेंसियों ने गुरुवार तक कहा कि इन धमकियों के पीछे किसी आतंकवादी संगठन या राज्य-एक्टर—जैसे रूसस या ईरान—का ठोस सबूत नहीं मिला है। पूछताछ जारी है। कुछ एयरपोर्ट्स को मिले ईमेल पर कथित तौर पर रूसी अति-राष्ट्रवादी समूह ‘मेल स्टेट’ का हस्ताक्षर बताया गया, लेकिन समूह के संस्थापक ने जिम्मेदारी नहीं ली। IATA ने धमकियों की निंदा कर मूल पता लगाने को कहा।


हाइब्रिड वारफेयर की बहस
इटली के रक्षा मंत्री ने ‘थ्रेशहोल्ड से नीचे के युद्ध’ की बात कही—यानी जानबूझकर ऐसी कार्रवाई जिससे दोष तय करना मुश्किल हो। इसी सप्ताह सुपरमार्केट रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर साइबर हमलों की खबरों ने भी आशंकाएं बढ़ाईं; क्रेमलिन प्रवक्ता ने फ्रिज हैक के आरोपों को बेबुनियाद बताया। विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार फर्जी अलार्म सुरक्षा प्रतिक्रिया को थका भी सकते हैं।


यात्रियों के लिए संदेश
एयरलाइंस हर विश्वसनीय धमकी को गंभीरता से लेती हैं क्योंकि ऊंचाई पर विस्फोट का जोखिम बहुत बड़ा होता है। फिलहाल यात्रियों को आधिकारिक सूचनाओं पर निर्भर रहना चाहिए। दोषी कौन है—यह सवाल जांच का है; बिना सबूत किसी देश या समुदाय पर आरोप लगाना गलत होगा।