पराग्वे: पेन्या का इस्तीफा, कांग्रेस ने स्वीकार नहीं किया

पराग्वे: पेन्या का इस्तीफा, कांग्रेस ने स्वीकार नहीं किया

दक्षिण अमेरिकी देश पराग्वे में बैंकिंग संकट के बीच राष्ट्रपति सैंटियागो पेन्या ने गुरुवार को इस्तीफे की घोषणा की। केंद्र में डिजिटल ऋणदाता उएनो बैंक का दिवालिया होना है, जिसकी वजह से रिपोर्टों के अनुसार करीब 30 लाख ग्राहकों की जमा राशियां फ्रीज हो गईं। लोगों ने सड़कों पर विरोध किया, बैंक अधिकारियों की गिरफ्तारियां हुईं और कांग्रेस में महाभियोग की प्रक्रिया तेज हो गई।


इस्तीफा स्वीकार क्यों नहीं हुआ-
पेन्या ने वीडियो संदेश में कहा कि देश की स्थिरता और लोकतांत्रिक संस्थानों को व्यक्ति से ऊपर रखकर वे इस्तीफा दे रहे हैं। इसके तुरंत बाद निचले सदन ने सर्वसम्मति से महाभियोग आरोप मंजूर किए। लेकिन इस्तीफा स्वीकार करने के लिए बुलाए गए संयुक्त सत्र के दौरान सत्तारूढ़ कोलोराडो पार्टी के विधायक वोटिंग के बीच बाहर चले गए और कोरम टूट गया। बीबीसी, एपी और स्थानीय मीडिया के अनुसार इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं हुआ और पेन्या कानूनी रूप से पद पर बने हुए हैं।


उएनो बैंक विवाद-
उएनो कुछ वर्षों में छोटे वित्त संस्थान से बड़े डिजिटल बैंक तक पहुंचा। आरोप है कि राज्य और पेंशन फंड की बड़ी रकम यहां लगाई गई। विपक्ष पेन्या के पुराने शेयरहोल्डिंग संबंधों और हितों के टकराव का आरोप लगाता है; पेन्या ने गलत आचरण से इनकार किया और कहा कि उन्होंने निवेश बेच दिया था। ये आरोप अदालत/जांच में साबित होना बाकी हैं।


महाभियोग आगे-
सीनेट महाभियोग सुनवाई आगे बढ़ा रही है। रिपोर्टों के अनुसार राष्ट्रपति को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना था। यदि दो-तिहाई सीनेटर पदच्युति के पक्ष में हों तो वे पद छोड़ने के साथ आपराधिक प्रक्रिया के लिए भी अधिक उजागर हो सकते हैं। इस्तीफा स्वीकार होने पर आजीवन सीनेटर और कुछ उन्मुक्ति मिलने का प्रावधान भी विवाद का विषय बना।


क्षेत्रीय असर-
पेन्या ट्रंप प्रशासन के करीबी लैटिन अमेरिकी नेताओं में गिने जाते रहे। संकट से आम परिवारों की रोजमर्रा की नकदी प्रभावित हुई है। आगे की तस्वीर सीनेट वोट और जमा राशियों की वापसी योजना पर निर्भर करेगी।