अभ्युदय योजना ने बदली किस्मत: जौनपुर के किसान की बेटी पूजा सिंह बनीं असिस्टेंट कमांडेंट

अभ्युदय योजना ने बदली किस्मत: जौनपुर के किसान की बेटी पूजा सिंह बनीं असिस्टेंट कमांडेंट

जौनपुर:उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार लगातार नई मिसालें कायम कर रही है। प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवा भी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं। जौनपुर की पूजा सिंह की कहानी इसी का सशक्त उदाहरण है।

एक साधारण किसान परिवार में जन्मी पूजा सिंह ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को मरने नहीं दिया। पूजा के पिता खेती-किसानी से परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बीच पली-बढ़ी पूजा ने बचपन से ही यह ठान लिया था कि शिक्षा के सहारे वह न केवल अपना भविष्य संवारेंगी, बल्कि अपने परिवार और गांव का नाम भी रोशन करेंगी।

संघर्ष से संकल्प तक का सफर

पूजा ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई के बाद 12वीं तक की शिक्षा दिल्ली से पूरी की, लेकिन आर्थिक कारणों से महानगर में आगे की पढ़ाई जारी रखना संभव नहीं हो पाया। इसके बाद वह जौनपुर लौटीं और टीडी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। यही वह समय था, जब उनके सपनों के सामने आर्थिक बाधाएं खड़ी हो सकती थीं।

अभ्युदय योजना बनी संजीवनी

वर्ष 2024 में पूजा को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की जानकारी मिली। मई 2024 में आवेदन करने के बाद जून से वह इस योजना के तहत चल रही निःशुल्क कोचिंग से जुड़ गईं। इस योजना के अंतर्गत उन्हें अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, नियमित कक्षाएं और सुव्यवस्थित अध्ययन सामग्री मिली, जिसने उनकी तैयारी को नई दिशा दी।

पूजा बताती हैं कि वह कॉलेज के बाद प्रतिदिन करीब डेढ़ घंटे कक्षाओं में शामिल होती थीं। सरल भाषा में पढ़ाई, बार-बार रिवीजन और नोट्स ने उनकी नींव को मजबूत किया। यदि निजी कोचिंग का सहारा लेना पड़ता तो डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च आता, जो उनके परिवार के लिए संभव नहीं था। अभ्युदय योजना ने यह आर्थिक बोझ पूरी तरह खत्म कर दिया।

पहले प्रयास में बड़ी सफलता

लगातार मेहनत और सही मार्गदर्शन का परिणाम यह हुआ कि पूजा सिंह ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी-सीएपीएफ परीक्षा उत्तीर्ण कर असिस्टेंट कमांडेंट का पद हासिल किया। उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की सफलता का प्रमाण भी है।

युवाओं के लिए प्रेरणा

पूजा सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उन हजारों युवाओं के लिए आशा की किरण है, जो आर्थिक कारणों से अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित यह योजना आईएएस, पीसीएस, नीट, जेईई और सीएपीएफ जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को गांव-गांव तक पहुंचा रही है। पूजा की सफलता आज न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।