अमरावती वीडियो कांड: 350 क्लिप्स का दावा, आरोपी के मोबाइल से खुली परतें; दूसरा आरोपी गिरफ्तार

अमरावती वीडियो कांड: 350 क्लिप्स का दावा, आरोपी के मोबाइल से खुली परतें; दूसरा आरोपी गिरफ्तार

परतवाड़ा में सामने आए कथित वीडियो कांड की जांच अब लगातार गहराती जा रही है। शुरुआत में इसे कुछ वायरल क्लिप्स का मामला माना गया था, लेकिन अब पुलिस को शक है कि इसके पीछे बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है।

मामले में पुलिस ने दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए उजेर खान इकबाल खान को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि उसने मुख्य आरोपी के मोबाइल से वीडियो डाउनलोड किए और उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर किया।

पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में यह साफ हो सकेगा कि वीडियो कहां बनाए गए, कितने लोगों तक पहुंचे और इस पूरे मामले में और कौन-कौन शामिल है।

मुख्य आरोपी पहले से हिरासत में

इस मामले का मुख्य आरोपी अयान अहमद पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में केस दर्ज है। कोर्ट ने उसे 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस कस्टडी में भेजा है।

पुलिस ने उसके मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो जब्त किए हैं, जिनकी जांच जारी है।

8 पीड़ितों की पहचान, बाकी की तलाश जारी

जांच में अब तक 8 पीड़िताओं की पहचान हो चुकी है। अन्य की पहचान की कोशिश जारी है। पुलिस इस मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए पीड़िताओं की पहचान गोपनीय रख रही है। महिला पुलिस अधिकारियों की टीम पीड़िताओं से संपर्क कर रही है, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपनी बात रख सकें।

डिलीट डेटा खंगाल रही साइबर टीम

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ डेटा मोबाइल से डिलीट किया गया था। अब साइबर टीम उस डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि इससे मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

वीडियो शेयर न करने की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस मामले से जुड़े वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर शेयर न करें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और इससे पीड़ितों को नुकसान पहुंच सकता है।

मामला पहुंचा राजनीति तक

इस घटना के बाद राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं सरकार का कहना है कि मामला सामने आते ही तुरंत कार्रवाई की गई। आरोपी के कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर भी चर्चा है, हालांकि संबंधित दल के स्थानीय नेताओं ने उसे संगठन से अलग करने की बात कही है।

SIT जांच की मांग

अचलपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की है।

FIR दर्ज कराने की अपील

पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी पीड़िता ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन उनसे संपर्क किया जा रहा है। पीड़िताएं किसी भी थाने में ‘जीरो FIR’ दर्ज करा सकती हैं और उनकी पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। फिलहाल पुलिस रिमांड को जांच का सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकता है कि मामला व्यक्तिगत है या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ।