सूरतगढ़ (राजस्थान)। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ क्षेत्र में वन विभाग ने काले हिरण (ब्लैकबक) के शिकार के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मौके से काले हिरण का कच्चा और पका हुआ मांस, खाल तथा क्षत-विक्षत अवशेष बरामद किए गए हैं।
वन विभाग को सूचना मिली थी कि सूरतगढ़ वन रेंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरदारपुरा बीका क्षेत्र में वन्यजीवों का अवैध शिकार किया गया है। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी रुद्रप्रताप शुक्ला अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान हिरण के अवशेष, मांस और खाल बरामद होने के बाद आठ लोगों को हिरासत में लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने संरक्षित वन्यजीव का शिकार कर उसके मांस का उपयोग करने की कोशिश की थी। काला हिरण भारत में संरक्षित वन्यजीवों की श्रेणी में आता है और इसके शिकार पर सख्त कानूनी प्रतिबंध है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर कठोर सजा का प्रावधान है।
वन अधिकारियों के अनुसार हिरण के अवशेषों का पोस्टमार्टम कराया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी की जा रही है ताकि शिकार में इस्तेमाल हथियारों और अन्य सबूतों की बरामदगी की जा सके।
जिला वन अधिकारी (DFO) ने मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वन विभाग का कहना है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और वन्यजीवों के शिकार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
- काला हिरण भारत का संरक्षित वन्यजीव है।
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत शिकार गंभीर अपराध माना जाता है।
- मामले में 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
- मांस, खाल और अन्य अवशेष बरामद किए गए हैं।
- वन विभाग अब शिकार में इस्तेमाल हथियारों की तलाश कर रहा है।