भिलाई :छतरपुर स्थित बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। भिलाई के जयंती स्टेडियम में आयोजित हनुमंत कथा के समापन अवसर पर उन्होंने आस्था, अंधविश्वास और सरकारी विमान से यात्रा को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। वहीं, उनके बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कथावाचकों से चंदा लेना बंद करने की मांग दोहराई है।
‘आस्था के मापदंड अलग क्यों?’
कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनका दरबार लगाना कुछ लोगों को अंधविश्वास नजर आता है, जबकि चादर चढ़ाना और कैंडल जलाना उसी समाज में श्रद्धा माना जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आस्था को परखने के पैमाने अलग-अलग क्यों बनाए जाते हैं।
सरकारी विमान विवाद पर बाबा का जवाब
सरकारी विमान से भिलाई पहुंचने को लेकर उठे सवालों पर पं. शास्त्री ने तंज कसते हुए कहा कि क्या सनातन की बात करने वाला व्यक्ति हवाई जहाज में बैठने का अधिकारी नहीं है? उन्होंने मंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि लाने वाला कोई और होता है, आने वाला तो बुलाए जाने पर आता है।
उन्होंने कहा, “देश को लूटने वाले खुलेआम घूम सकते हैं, लेकिन सनातन जगाने वाला, कैंसर अस्पताल बनाने वाला और नशा छुड़वाने वाला व्यक्ति अगर विमान से चले तो सवाल उठते हैं।”
भक्तों की भावनाओं का जिक्र
कथा में बाबा ने कुछ घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एक युवक शादी न होने की परेशानी लेकर उनकी गाड़ी के सामने आ गया था, जबकि एक युवती ने उनसे मिलने के लिए खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। बाबा ने ऐसे कृत्यों से बचने की अपील करते हुए कहा कि आस्था के नाम पर ऐसा कदम न उठाएं।
धर्मांतरण और पुलिस प्रकरण पर बयान
धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनका धर्म बदलवाया जा रहा है। वहीं, पुलिसकर्मी द्वारा टोपी उतारकर प्रणाम करने के मामले पर उन्होंने कहा कि वर्दी के भीतर भी इंसान होता है और उसकी भी आस्था होती है।
भूपेश बघेल का तीखा हमला
इधर, बिलासपुर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत में धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि कथावाचक वास्तव में समाज सेवा करना चाहते हैं, तो पहले चंदा लेना बंद करें और फिर प्रवचन करें।
भूपेश बघेल ने कहा,
“सरकार उन्हें सम्मान दे, इसमें आपत्ति नहीं है, लेकिन सरकारी संसाधनों का उपयोग किस आधार पर किया जा रहा है?”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री के कई विवादित बयान सामने आ चुके हैं और पत्रकारों के प्रति उनकी भाषा भी आपत्तिजनक रही है।
‘शास्त्रार्थ करें, चंदा न लें’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अनेक विद्वान साधु-संत हैं। यदि धीरेंद्र शास्त्री में क्षमता है तो वे उनसे शास्त्रार्थ करें। साथ ही उन्होंने कथावाचक प्रदीप मिश्रा का भी नाम लेते हुए कहा कि बार-बार आकर चंदा लेना बंद किया जाए।