छत्तीसगढ़ के भिलाई में आयोजित बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। कथा समापन के बाद जब पं. धीरेंद्र शास्त्री का काफिला रवाना हो रहा था, उसी दौरान एक भक्त अचानक उनकी गाड़ी के सामने आ गया।
बताया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति स्वयं को बाबा का भक्त बता रहा था। अचानक सामने आने के कारण ड्राइवर को तेज़ ब्रेक लगानी पड़ी, जिससे पीछे चल रही गाड़ियाँ आपस में टकरा गईं। इस घटना में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय सहित काफिले में सवार सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं।
घटना के बाद पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंच से और मीडिया के माध्यम से भक्तों से अपील की कि वे उत्साह में आकर इस तरह की जल्दबाज़ी या जोखिम भरे कदम न उठाएँ। उन्होंने कहा कि श्रद्धा के साथ-साथ संयम और अनुशासन भी अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी को कोई नुकसान न पहुँचे।
गौरतलब है कि दुर्ग जिले के भिलाई स्थित जयंती स्टेडियम में 25 दिसंबर से 29 दिसंबर तक पाँच दिवसीय दिव्य हनुमंत कथा का आयोजन किया गया था। कथा के समापन के बाद पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के लिए रवाना हो गए।
कथा के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा सनातन धर्म को सशक्त करने वाली है और उनका छत्तीसगढ़ में बार-बार आना स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि पूरा छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देशभर के लोग उनकी कथा को सुन और देख रहे हैं।