गाजियाबाद में परशुराम मंदिर पर कार्रवाई से विवाद, प्राण प्रतिष्ठा से पहले चला बुलडोजर

गाजियाबाद में परशुराम मंदिर पर कार्रवाई से विवाद, प्राण प्रतिष्ठा से पहले चला बुलडोजर

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक मंदिर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। यहां भगवान परशुराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से ठीक पहले विकास प्राधिकरण द्वारा की गई कार्रवाई ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया, हालांकि प्रशासन का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार (20 मार्च 2026) को मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम प्रस्तावित था। सुबह से ही श्रद्धालु और मंदिर समिति आयोजन की तैयारियों में जुटे थे। इसी दौरान गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और कथित अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के यह कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि प्रशासन ने लोगों की अपील के बावजूद मंदिर को गिराना जारी रखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ध्वस्तीकरण के दौरान मंदिर में स्थापित भगवान परशुराम की मूर्ति पास के नाले में गिर गई, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुईं और मौके पर विरोध शुरू हो गया।
घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन बाद में हालात को काबू में कर लिया गया।
प्रशासन की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई कथित रूप से अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। वहीं, स्थानीय लोग और मंदिर समिति इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मंदिर समिति का कहना है कि यह केवल एक ढांचे को हटाने की कार्रवाई नहीं, बल्कि उनकी आस्था से जुड़ा मामला है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग उठाई है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
 फिलहाल, प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है और मामले की जांच की बात कही जा रही है।