झारखण्ड पेपर घोटाला : ​खाली कॉपियों में भरे जाते थे जवाब !!

झारखण्ड पेपर घोटाला : ​खाली कॉपियों में भरे जाते थे जवाब !!

The Jagran News: JPSC भर्ती घोटाला - OMR में छेड़छाड़ कर बेची गईं नौकरियां, 300 अभ्यर्थी पैसे देकर हुए पास


​झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए फर्जीवाड़े की CID जांच में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी TDPL के टेक्निकल सपोर्ट स्टाफ उस्मान ने जांच में कबूला है कि OMR शीट और OSM (ऑन स्क्रीन मार्किंग) में छेड़छाड़ कर नौकरियां बेची गई हैं।


​कहाँ और कितने हुए पास?
उस्मान के मुताबिक, अलग-अलग परीक्षाओं में करीब 300 अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराया गया है:
​फारेस्ट रेंज अफसर (FRO) परीक्षा में 100 अभ्यर्थी
​14वीं सिविल सेवा PT में 100 अभ्यर्थी
​JPSC बैकलॉग परीक्षा में 100 अभ्यर्थी


​कैसे होता था यह पूरा खेल?
​खाली कॉपियों में भरे जाते थे जवाब: TDPL के डायरेक्टर रामवीर ने बताया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी अपनी कॉपियां खाली छोड़ देते थे, जिन्हें बाद में भरा जाता था। डेटा मैनिपुलेशन और इंटरव्यू कोड जनरेशन में भी गड़बड़ी की गई।


​हरिओम टावर में चलता था सेंटर: एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने खुलासा किया कि रांची के हरिओम टावर में एक फ्लैट किराए पर लिया गया था। यहाँ बाहरी राज्यों से एजेंटों को बुलाकर उत्तर तैयार करवाए जाते थे।


​रेट कार्ड: ACF और FRO की मुख्य परीक्षा में नंबर बढ़ाने के एवज में करीब 40 लाख रुपये दिए गए। वहीं, CDPO परीक्षा में प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये में सेटिंग हुई थी।


​VIP कनेक्शन और अफसरों की भूमिका
​वरिष्ठ IAS भी शामिल: अभय तिवारी ने अपने बयान में एक वरिष्ठ IAS अधिकारी का नाम भी लिया है, जिनके 3 अभ्यर्थियों की मदद की गई थी।


​पूर्व अध्यक्ष का ऑपरेटर करता था डील: CID की जांच में सामने आया है कि JPSC के पूर्व अध्यक्ष का कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र ही TDPL के प्रतिनिधियों के साथ सारी डीलिंग और लेन-देन करता था।


​डॉ. जमाल से 5 घंटे पूछताछ: CID ने आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. जमाल अहमद से करीब 5 घंटे पूछताछ की और सवाल दागे कि TDPL को JPSC में एंट्री कैसे मिली। हालांकि, डॉ. जमाल ने सभी आरोपों को खारिज किया है।
​फरार आरोपियों की तलाश तेज़


CID की टीम फरार आरोपी शिक्षक संतोष कुमार सिंह और कोचिंग संचालक रविशंकर कुमार की तलाश में पलामू में लगातार दबिश दे रही है। कोर्ट से इनके खिलाफ वारंट जारी हो चुका है और समय रहते सरेंडर न करने पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।