JPSC 14वीं PT धांधली: CBI जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकार और JPSC को नोटिस
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) में हुई गड़बड़ी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को हुई अहम सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने झारखंड सरकार और JPSC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने दायर की है।
सुनवाई की मुख्य बातें:
सिर्फ परीक्षा रद्द करना काफी नहीं: याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि राज्य सरकार द्वारा परीक्षा रद्द करने मात्र से 'व्यवस्थित भ्रष्टाचार' का खुलासा नहीं होगा। असली दोषियों को पकड़ने के लिए मामले की जांच CBI या सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली कमिटी से करानी जरूरी है।
सबूत सुरक्षित रखने की अपील: याचिका में मांग की गई है कि परीक्षा से जुड़े सभी भौतिक और डिजिटल साक्ष्य—जैसे मूल OMR शीट, कार्बन कॉपी, CCTV फुटेज और सर्वर के ऑडिट लॉग—सुरक्षित रखे जाएं ताकि सबूतों से छेड़छाड़ न हो।
हाईकोर्ट से भी झटका (ACF-FRO मामला):
इधर, झारखंड हाईकोर्ट ने असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) और फॉरेस्ट रेंज अफसर (FRO) की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 24 सितंबर को होगी।
सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद अब राज्य सरकार को अदालत में अपना पक्ष रखना होगा, जिसके आधार पर तय होगा कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाएगी या नहीं।