पुलिस की कार्यशैली पर सवाल: एक ही समय में दो शहरों में कैसे हंगामा कर सकते हैं छात्र?
JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर झारखंड पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। 21 अगस्त को हुए पुतला दहन और बवाल के बाद पुलिस ने 15 छात्र नेताओं के खिलाफ अलग-अलग थानों में FIR दर्ज की है। लेकिन छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने बिना कोई पड़ताल किए मनमाने ढंग से केस दर्ज किए हैं।
एक ही समय, दो शहरों में FIR:
सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई है कि JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के प्रमुख सदस्य कुणाल प्रताप सिंह, पीयूष कुमार सिंह और रविंद्र पासवान पर एक ही दिन और एक ही समय में रांची (कोतवाली व लोअर बाजार थाना) और हजारीबाग (कोरा थाना) में FIR दर्ज की गई है। इन पर मारपीट, सरकारी काम में बाधा और जानलेवा हमले जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
छात्रों के सवाल और दावे:
छात्रों का पूछना है कि कोई एक व्यक्ति एक ही समय में रांची और हजारीबाग में मौजूद होकर हंगामा कैसे कर सकता है?
कुणाल सिंह का दावा है कि पुतला दहन वाले दिन वे रांची के अस्पताल में भर्ती थे, फिर भी हजारीबाग में उन पर केस दर्ज कर दिया गया।
इसी तरह, प्रकाश कुमार रांची में अपने फ्लैट पर थे और नीरज चौधरी देवघर में थे, लेकिन उन पर क्रमशः हजारीबाग और गिरिडीह में प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।
क्या कहता है कानून?
कानूनी जानकारों के अनुसार, भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Evidence Act) की धारा 11 के तहत एक ही व्यक्ति एक ही समय पर दो अलग-अलग स्थानों पर मौजूद नहीं हो सकता। ऐसे में पुलिस की इन दोनों FIR पर कोर्ट में बड़े सवाल खड़े होना तय है।