मक्का पैक्ट: पाक-सऊदी-तुर्किये के रक्षा करार में ईरान को न्योता

मक्का पैक्ट: पाक-सऊदी-तुर्किये के रक्षा करार में ईरान को न्योता

​मक्का पैक्ट: पाक-सऊदी-तुर्किये के रक्षा करार में ईरान को न्योता, पाक आर्मी चीफ पहुंचे तेहरान

​पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कूटनीति का एक नया फॉर्मूला सामने आया है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के नए रक्षा करार 'मक्का पैक्ट' में अब ईरान को भी शामिल होने का न्योता दिया गया है। ईरानी संसद के प्रमुख मेहदी रहीमी और विदेश मंत्रालय ने प्रस्ताव मिलने और उस पर विचार करने की पुष्टि की है। इसी बीच, पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ईरान-अमेरिका से जुड़े कूटनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए सोमवार को तेहरान पहुंच गए हैं।

​क्या है मक्का पैक्ट?

7 अगस्त को इन तीनों देशों के बीच यह करार हुआ था। इसके तहत किसी एक सदस्य पर हमला, तीनों पर हमला माना जाएगा। इस गठबंधन में सऊदी अरब अपनी आर्थिक ताकत, पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों और तुर्किये अपने मजबूत रक्षा उद्योग के साथ शामिल है। सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश की नई सरकार भी इस करार से जुड़ने की कोशिश में है।

​क्या भारत को है कोई खतरा?

इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स (ICWA) के विशेषज्ञों के अनुसार, यह पैक्ट फिलहाल कागजी ज्यादा है।

​ईरान की एंट्री से खतरा: अगर ईरान इस करार का हिस्सा बनता है, तो अमेरिकी दबाव (विशेषकर ट्रंप के प्रभाव) के कारण इस पैक्ट का टूटना लगभग तय है।

​भारत सुरक्षित: इस करार से भारत को कोई खतरा नहीं है। मजबूत आर्थिक संबंधों के कारण सऊदी अरब हमेशा भारत का ही पक्ष लेगा। अकेले तुर्किये और पाकिस्तान भारत के खिलाफ कोई बड़ा कदम नहीं उठा सकते।