चीन बना रहा 25,000 KM का बॉर्डर रोड नेटवर्क

चीन बना रहा 25,000 KM का बॉर्डर रोड नेटवर्क

​'गोल्डन लूप': चीन बना रहा 25,000 KM का बॉर्डर रोड नेटवर्क, भारत के लिए बड़ा रणनीतिक खतरा

​चीन अपनी सीमाओं और तटों को जोड़ने के लिए 25,000 किलोमीटर लंबा एक विशाल सड़क नेटवर्क बना रहा है। चीनी मीडिया ने इसे 'गोल्डन बॉर्डर-कोस्ट लूप' नाम दिया है। आधिकारिक तौर पर इसे आर्थिक विकास का प्रोजेक्ट बताया जा रहा है, लेकिन असल में यह भारत सहित 14 पड़ोसी देशों के लिए एक बड़ा रणनीतिक और सैन्य खतरा है।

​क्या है चीन का असली मकसद?

इस दोहरी भूमिका वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरिए चीनी सेना (PLA) युद्ध या तनाव की स्थिति में बेहद कम समय में सीधे LAC (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) तक भारी टैंक, हथियार और सैनिक तैनात कर सकेगी।

​3 हिस्सों में बंटा है यह नेटवर्क:

​जी 219 हाईवे (10,000 किमी): यह भारत, पाकिस्तान, वियतनाम और रूस समेत 12 देशों की सीमाओं के पास से गुजरेगा। यह अक्साई चिन और अरुणाचल सीमा के बेहद करीब है।

​जी 331 हाईवे (9,200 किमी): यह उत्तरी सीमा (रूस, मंगोलिया, उत्तर कोरिया) से सटा मार्ग है।

​जी 228 हाईवे (7,000 किमी): यह तटीय मार्ग शंघाई और ग्वांगडोंग जैसे शहरों को जोड़ता है।

​ब्रिक्स सम्मेलन में 400 अफसरों संग आ सकते हैं जिनपिंग:

एक तरफ सीमा पर तनाव है, वहीं दूसरी ओर अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 400 अफसरों के भारी-भरकम दल के साथ भारत आ सकते हैं। इस बीच, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल सीमा विवाद सुलझाने के लिए बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ वार्ता कर रहे हैं।