H-1B वीजा पर ट्रंप का नया प्रहार: फीस 99 लाख करने का प्रस्ताव, छात्रों के नियम भी हुए सख्त
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर H-1B वीजा फीस बढ़ाने पर अड़ गए हैं। अमेरिकी गृह मंत्रालय ने हर विदेशी कर्मी के लिए यह फीस लगभग 99 लाख रुपये करने का नया प्रस्ताव जारी किया है।
मुख्य बातें:
प्रस्ताव और लागू होने का समय: इसे मंगलवार को गजट में प्रकाशित किया जाएगा, जिस पर 30 दिन तक राय दी जा सकेगी। सूत्रों के अनुसार, साल के अंत तक नई फीस लागू हो सकती है।
भारतीयों पर बड़ा असर: हर साल 85 हजार के कोटे में से 70 हजार H-1B वीजा भारतीयों को मिलते हैं। इससे पहले जून में एक फेडरल कोर्ट ने फीस को एक लाख से बढ़ाकर 95 लाख रुपये करने के पिछले आदेश को खारिज कर दिया था।
छात्रों के लिए एडवाइजरी: हार्वर्ड और कोलंबिया समेत कई अमेरिकी यूनिवर्सिटीज ने F-1 और J-1 वीजाधारक छात्रों व शोधकर्ताओं को 15 सितंबर से पहले अमेरिका लौटने को कहा है।
ग्रेस पीरियड में कटौती: नए नियमों के तहत, छात्र वीजा पर अधिकतम अवधि 4 साल तय होगी। पढ़ाई पूरी होने के बाद मिलने वाली 60 दिन की मोहलत भी घटकर 30 दिन रह जाएगी।
कनाडा से तकरार: ट्रंप द्वारा 1 जनवरी 2027 से कनाडाई ऑटोमोबाइल और स्टील पर 50% टैरिफ के ऐलान के बाद, कनाडा के ओंटारियो प्रांत ने अमेरिका को बिजली और रेअर अर्थ मिनरल की सप्लाई नहीं करने की चेतावनी दी है।