महिला आरक्षण पर सियासी घमासान: मंत्री जगत नेगी ने बीजेपी पर साधा निशाना

महिला आरक्षण पर सियासी घमासान: मंत्री जगत नेगी ने बीजेपी पर साधा निशाना

महिला आरक्षण को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। लोकसभा में प्रस्तावित बिल पारित न हो पाने के बाद कांग्रेस इसे अपनी रणनीतिक जीत बता रही है। इसी बीच हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री जगत सिंह नेगी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।

शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे को गंभीरता से लागू करने के बजाय राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है। उनका आरोप है कि पहले से पारित कानून को लागू करने में देरी की गई और अब नए तरीके से इसे पेश कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन (Delimitation) के नाम पर कुछ राज्यों में चुनावी गणित साधने की रणनीति बनाई जा रही थी। नेगी के मुताबिक, विपक्ष ने इस कदम का सदन में मजबूती से विरोध किया, जिससे यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका।

विपक्ष के रुख को स्पष्ट करते हुए नेगी ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण का विरोध नहीं करता, बल्कि चाहता है कि मौजूदा 545 लोकसभा सीटों के भीतर ही महिलाओं को आरक्षण दिया जाए, ताकि बिना परिसीमन के इसे लागू किया जा सके।

बीजेपी द्वारा कांग्रेस पर ‘महिला विरोधी’ होने के आरोपों का जवाब देते हुए नेगी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो संगठन खुद को बड़ा बताता है, वहां महिलाओं की भागीदारी नगण्य है।

सदन में भाषा के स्तर को लेकर उठे विवाद पर भी नेगी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘मदारी’ और ‘जादूगर’ जैसे शब्द असंसदीय नहीं हैं और लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। साथ ही उन्होंने बीजेपी को आत्ममंथन की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें भी अपने नेताओं की भाषा पर ध्यान देना चाहिए।

इस बयानबाजी के बाद महिला आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है, जहां सत्ता और विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं।