रूस में पुतिन की आंधी: संसदीय चुनाव में यूनाइटेड रशिया पार्टी ने 355 सीटें जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड, संविधान बदलने की मिली ताकत
मास्को:
रूस के संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी 'यूनाइटेड रशिया' (United Russia) ने ऐतिहासिक और प्रचंड जीत दर्ज की है। 450 सदस्यीय संसद (स्टेट ड्यूमा) में पार्टी ने रिकॉर्ड 355 सीटों पर कब्जा जमाया है, जो अब तक का उसका सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले पार्टी का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड 343 सीटों का था। शुरुआती नतीजों के अनुसार, पार्टी-आधारित 225 सीटों पर यूनाइटेड रशिया को 57.83% रिकॉर्ड वोट मिले हैं।
संसद में दो-तिहाई से भी अधिक के इस प्रचंड बहुमत के साथ पार्टी के पास अब देश के संविधान में किसी भी तरह के संशोधन की पूर्ण शक्ति आ चुकी है।
इस ऐतिहासिक जीत के वैश्विक व आंतरिक मायने:
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पुतिन की सत्ता पर असर: राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, इस भारी बहुमत से पुतिन को 2030 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ने या फिर संविधान में संशोधन कर उसके बाद भी अनिश्चितकाल तक सत्ता में बने रहने की पूरी छूट मिल गई है।
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रूसी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव: संसद पर पूर्ण नियंत्रण के बाद अब रूस की पूरी अर्थव्यवस्था और नीतियां बिना किसी विरोध या रोक-टोक के युद्ध-केंद्रित बनी रहेंगी।
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पश्चिम और दुनिया को संदेश: इस परिणाम ने अमेरिका और पश्चिमी देशों को कड़ा संदेश दिया है कि रूस पीछे हटने के मूड में नहीं है, जिससे वैश्विक तनाव और लंबा खिंचेगा। वहीं, राष्ट्रपति पुतिन ने इस जीत को ‘राष्ट्रीय एकता’ का प्रतीक बताया है।