The Jagran News: स्वास्थ्य विशेष
आपात गर्भनिरोधक गोलियों पर बदलेगा नियम: पैकेट पर 4 अनिवार्य चेतावनियां लिखने की तैयारी, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिया प्रस्ताव
नई दिल्ली:
आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियों (इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स) के अंधाधुंध और गलत इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘ड्रग्स रूल्स-1945’ में बड़े संशोधन का मसौदा तैयार किया है। इसके तहत अब इन दवाओं के हर पैकेट और लीफलेट पर 4 प्रमुख वैधानिक चेतावनियां और इस्तेमाल से जुड़े निर्देश अनिवार्य रूप से छापने होंगे।
कदम क्यों जरूरी समझा गया?
सरकारी विशेषज्ञ समितियों के मुताबिक, बाजार में आम लोगों के बीच इन गोलियों को लेकर भारी भ्रम फैला है। कई लोग इन्हें नियमित गर्भनिरोधक या अनचाहे गर्भपात (अबॉर्शन) की दवा समझकर बार-बार इस्तेमाल करते हैं। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि यह केवल अनपेक्षित या आपात स्थिति में गर्भधारण से बचाव के लिए एक 'बैकअप' उपाय है, न कि रोजाना का विकल्प। इसे महीने में दो बार से ज्यादा कतई नहीं लेना चाहिए; बार-बार सेवन से महिलाओं के हार्मोनल संतुलन और सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
पैकेट पर कौन-सी 4 चेतावनियां होंगी अनिवार्य?
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यह आपातकालीन स्थिति के लिए है, इसे नियमित गर्भनिरोधक के तौर पर इस्तेमाल न करें।
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यह गर्भपात (Abortion) की गोली नहीं है।
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यह दवा एचआईवी (HIV) या किसी अन्य यौन संचारित रोग (STI) से सुरक्षा प्रदान नहीं करती।
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इसे बार-बार न लें; लगातार और सुरक्षित गर्भनिरोधक समाधान के लिए डॉक्टर से परामर्श लें।
दवाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं:
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह दवाएं बाजार में पहले की तरह बिना डॉक्टर के पर्चे (OTC) के उपलब्ध रहेंगी, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर मदद मिल सके।