नवंबर के साथ ही ठंड ने दस्तक दे दी है। मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम, खांसी और गले की खराश जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। ऐसे में खानपान पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। रसोई में मौजूद कई देसी चीजें सर्दियों में शरीर को गर्म और ऊर्जावान बनाए रखने में मददगार मानी जाती हैं।
गरम खिचड़ी और सब्जियों का सूप
मूंग दाल और चावल या बाजरे की खिचड़ी हल्की होती है और आसानी से पच जाती है। इसमें अदरक, हल्दी, जीरा और मौसमी सब्जियां मिलाकर इसे और पौष्टिक बनाया जा सकता है। गाजर, टमाटर, पालक और लौकी का गरम सूप भी सर्दियों में अच्छा विकल्प माना जाता है।
तुलसी-अदरक की चाय
तुलसी के पत्ते, अदरक, काली मिर्च और थोड़ा गुड़ डालकर बनी चाय या काढ़ा कई घरों में सर्दियों की परंपरा है। आयुर्वेद में तुलसी और अदरक को गले और सांस से जुड़ी सामान्य परेशानियों में उपयोगी बताया गया है।
डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी के अनुसार
डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी अपनी वेबसाइट और यूट्यूब चैनल पर प्राकृतिक खानपान की बात करते हैं। उनके अनुसार दिन की शुरुआत मौसमी फलों से करनी चाहिए। सर्दियों में संतरा और अमरूद जैसे विटामिन-C वाले फल उनकी सूची में प्रमुख हैं। उनके अनुसार इसके बाद कच्ची सब्जियां या अंकुरित अनाज और फिर कम तेल-नमक वाला घर का बना शाकाहारी भोजन लेना चाहिए। वे प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाने की सलाह देते हैं। यह उनकी व्यक्तिगत राय और आहार पद्धति है, किसी बीमारी के इलाज का दावा नहीं।
सर्दियों के लिए आसान टिप्स
- गुनगुना पानी पिएं, ठंडे पेय से बचें।
- मौसमी फल और हरी सब्जियां रोज के खाने में शामिल करें।
- सुबह की धूप में कुछ देर बैठें।
- पूरी नींद लें और हल्का व्यायाम या योग करें।
- तला-भुना और जंक फूड कम करें।
जरूरी सलाह
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह का आहार बदलाव करने या घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। डायबिटीज, BP या किसी अन्य बीमारी के मरीज अपनी चल रही दवा डॉक्टर की सलाह के बिना बंद न करें। लगातार बुखार, खांसी या सांस में तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।