शी जिनपिंग का अमेरिका दौरा : क्या हो सकता है ख़ास ...

शी जिनपिंग का अमेरिका दौरा : क्या हो सकता है ख़ास ...

शी जिनपिंग का अमेरिका दौरा : AI सुरक्षा पर बन सकता है अलर्ट सिस्टम, ताइवान को हथियारों की सप्लाई रोक सकते हैं ट्रंप

न्यूयॉर्क/ताइपे:

वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम मोड़ पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा के दौरान वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय शिखर वार्ता करेंगे। छह महीने के भीतर दोनों महाशक्तियों के राष्ट्रप्रमुखों के बीच यह दूसरी मुलाकात होगी; इससे पहले मई में दोनों नेता बीजिंग में मिले थे।

इस ऐतिहासिक वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के अलावा विश्व शांति और विकास से जुड़े कई रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीनी उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग के बीच हुई शुरुआती बातचीत के आधार पर दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सुरक्षा को लेकर एक नया साझा अलर्ट सिस्टम बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं, जिससे दोनों देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा पर संभावित खतरों की पूर्व सूचना साझा की जा सकेगी।

ताइवान पर ट्रंप ले सकते हैं बड़ा फैसला

दौरे का सबसे संवेदनशील पहलू हथियारों का सौदा माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के दबाव और कूटनीतिक संतुलन को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ताइवान को बेचे जाने वाले करीब 1.28 लाख करोड़ रुपये ($15+ बिलियन) के प्रस्तावित रक्षा पैकेज पर फिलहाल रोक लगा सकते हैं। इस रक्षा पैकेज में मिसाइलें, ड्रोन-रोधी हथियार और अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। अगर ट्रंप इस बिक्री को टालते हैं, तो यह अमेरिका-चीन संबंधों में एक नया मोड़ साबित हो सकता है।