मघा नक्षत्र का वर्षा जल = गंगाजल!!

मघा नक्षत्र का वर्षा जल = गंगाजल!!

​मघा नक्षत्र की बारिश: गंगाजल के समान चमत्कारी!!

​जब भगवान सूर्य मघा नक्षत्र में होते हैं, तब आकाश से गिरने वाला वर्षा का जल 'गंगाजल' के समान पवित्र और औषधीय गुणों वाला माना जाता है।

​मघा नक्षत्र का समय:

​प्रारंभ: 17 अगस्त 2026, दोपहर 2:16 बजे से

​समापन: 31 अगस्त 2026, सुबह 10:14 बजे तक

​आंखों की रोशनी: बारिश के इस पानी को छानकर स्टोर करने की सलाह दी गई है। रात को आंखों में इसकी 2-2 बूंदें डालने से आंखों की समस्याएं दूर हो जाती हैं।

​पेट के कृमि (Worms): बच्चों को एक से दो महीने तक यह पानी पिलाने से पेट के कीड़े खत्म होने की बात कही गई है।

​शुद्धि : जैसे गंगाजल अशुद्ध जल को ठीक कर देता है, वैसे ही मघा नक्षत्र के पानी में भी अशुद्धियों को दूर करने की क्षमता होती है।