झारखण्ड में ED की छापेमारी में 600 करोड़ जांच के घेरे में

झारखण्ड में ED की छापेमारी में 600 करोड़ जांच के घेरे में

अवैध कोयला कारोबार मामले में झारखंड में 30 से ज्यादा जगहों पर ED की छापेमारी, 600 करोड़ की संदिग्ध संपत्ति का पता

रांची। झारखंड में अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान एजेंसी को करीब 600 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध संपत्तियों के सुराग मिले हैं।

ED के अनुसार, कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई। जांच में मुख्य आरोपी एल.बी. सिंह और उससे जुड़े व्यक्तियों, कंपनियों तथा सहयोगियों के परिसरों की तलाशी ली गई। इस दौरान कथित अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं।

जांच के दौरान एजेंसी ने करीब 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज कर दिया, जबकि 1.02 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई। इसके अलावा बड़ी संख्या में डिजिटल डिवाइस, वित्तीय रिकॉर्ड और विभिन्न संस्थाओं के लेखा-जोखा से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।

ED का दावा है कि जांच में 200 से अधिक चल एवं अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आई है, जिनके अपराध से अर्जित धन से खरीदे जाने का संदेह है। एजेंसी इन संपत्तियों के स्वामित्व, निवेश और वित्तीय स्रोतों की जांच कर रही है।

यह जांच झारखंड पुलिस द्वारा अवैध कोयला खनन, कोयले की चोरी, तस्करी और परिवहन से जुड़ी रंगदारी के मामलों में दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू हुई थी। इन मामलों में पुलिस पहले ही कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

ED का कहना है कि छापेमारी के दौरान मिले वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की परतें खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।